PoK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में इस्लामाबाद के शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है। पीओके के रावलकोट के ऐतिहासिक ईदगाह मैदान में जुटे हजारों प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई, तो वे PoK की सभी सीमाएं खोल देंगे। विरोध प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारी नेता अमन खान ने कहा है कि वे किसी भी डिक्टेटर या उसके शासन को नहीं मानते हैं।

दरअसल, रावलकोट की ईदगाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें लोग पाकिस्तान की सरकार के खिलाफ भड़के हुए हैं। क्षेत्र में तनाव इस हद तक बढ़ चुका है, कि स्थानीय नेताओं ने अब सीधे तौर पर भारत के साथ संबंध बहाल करने और नियंत्रण रेखा (LoC) की सीमाएं खोलने की चेतावनी दे दी है।

आटे और खाद्य आपूर्ति की नाकाबंदी से भड़के लोग

एक सभा को संबोधित करते हुए स्थानीय आंदोलनकारी नेता अमन खान ने पाकिस्तान सरकार की दमनकारी नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने साफ किया कि इस्लामाबाद जानबूझकर इस क्षेत्र में जरूरी खाद्य पदार्थों और राशन की आपूर्ति को रोक रहा है। क्षेत्र में आटे, बिजली और बुनियादी सुविधाओं की भारी किल्लत और आसमान छूती कीमतों के कारण लोगों का जीना दूभर हो गया है, जिसके चलते अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया गया है।

इस्लामाबाद को सीधी धमकी

आंदोलनकारी नेता अमन खान ने अपने भाषण में एक बेहद संवेदनशील और रणनीतिक चेतावनी देते हुए कहा, “अगर पाकिस्तानी सरकार ने खाद्य आपूर्ति को रोकना जारी रखा, तो यह जान लें कि कश्मीर की शेष सीमाएं (भारत की तरफ) खुल सकती हैं।”

उन्होंने पाकिस्तान को आगाह करते हुए कहा कि अगर भुखमरी के कारण यहां के लोगों ने भारत (जम्मू-कश्मीर) की तरफ रुख किया, तो इस्लामाबाद को कूटनीतिक रूप से मुंह छिपाने की जगह नहीं मिलेगी और उसे यहां के लोगों से यहीं रुकने के लिए भीख मांगनी पड़ेगी। अमन खान ने कहा कि पीओके के लोगों को पाकिस्तानी सरकार की जरूरत नहीं है, बल्कि पाकिस्तान को PoK की जरूरत है।

LoC पर 9 जून से जारी हैं विरोध प्रदर्शन

रावलकोट में उपजा यह जन-आक्रोश कोई तात्कालिक घटना नहीं है। प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा समूह बीते 9 जून से लगातार नियंत्रण रेखा (LoC) के पास धरने पर बैठा हुआ है। इस धरने में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और नागरिक समाज के संगठनों की भारी भागीदारी देखी जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।

पाकिस्तान के कूटनीतिक रुख को लगा बड़ा झटका

इसको लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि रावलकोट से उठी विद्रोह की यह आवाज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के कश्मीर एजेंडे की धज्जियां उड़ाने वाली है। एक तरफ जहां पाकिस्तान दुनिया के सामने खुद को कश्मीरियों का हमदर्द दिखाता है, वहीं उसके अपने नियंत्रण वाले हिस्से (PoK) की जनता बुनियादी राशन के लिए तरस रही है।

इसके चलते पाकिस्तान द्वारा कब्जाए गए कश्मीर के लोग अब पाकिस्तान से आज़ादी की मांग कर रही है। भारत के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने की यह खुली चेतावनी इस्लामाबाद के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के लिए एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय सिरदर्द बन चुकी है।

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भारत के साथ बढ़ते जल विवाद के बीच पाकिस्तान ने सोमवार को एक बार फिर धमकी दी है। पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने कहा कि सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) अब भी कानूनी रूप से बाध्यकारी है और इसे कोई भी देश एकतरफा ना तो निलंबित कर सकता है और ना ही इसमें संशोधन कर सकता है। पढ़िए पूरी खबर…