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अबू धाबी में पहले हिन्दू मंदिर की नींव रखेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जानें क्या होगी खासियत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी विदेश यात्रा के दौरान अबू धाबी में बनने वाले पहले हिन्दू मंदिर का उद्घाटन अपने कर कमलों से करेंगे। यह मंदिर 20 हजार स्कवॉयर मीटर में बनाया जाएगा। मंदिर का निर्माण पूरी तरह से 2020 तक हो सकेगा।

अबू धाबी में मंदिर को लेकर चल तैयारियां। (फोटो सोर्स- ट्विटर, ऑल इंडिया रेडियो)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी विदेश यात्रा के दौरान अबू धाबी में बनने वाले पहले हिन्दू मंदिर का उद्घाटन अपने कर कमलों से करेंगे। यह मंदिर 20 हजार स्कवॉयर मीटर में बनाया जाए गा। मंदिर का निर्माण पूरी तरह से 2020 तक हो सकेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (11 फरवरी) को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रहने वाले हिन्दू समुदाय के लिए बनाए जाने वाले मंदिर की नींव का पत्थर रखेंगे। यूएई की राजधानी अबू धाबी में भारी तादात में प्रवासी भारतीय रहते हैं। इसलिए उनकी आस्था के मद्देनजर एक मंदिर की जरूरत महसूस की जा रही थी। ऑल इंडिया रेडियो ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से मंदिर के शिला पूजन को लेकर हो रही तैयारियों के बारे में जानकारी दी है। दिलचस्प बात यह है कि प्रधानमंत्री अबू धाबी के मंदिर की नींव का पत्थर दुबई ओपेरा हाउस से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये रखेंगे। अगस्त 2015 के बाद यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यूएई में दूसरी यात्रा होगी।

बता दें कि वर्तमान में यूएई में केवल एक हिन्दू मंदिर हैं और वह दुबई में है। यूएई की सरकार ने अबू धाबी में मंदिर बनाने के लिए 20 हजार स्क्वॉयर मीटर की जमीन का आवंटन किया है। मंदिर के प्रबंधन को बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) देखेगी। ट्रस्ट ने शुक्रवार (9 फरवरी) को अबू धाबी में मंदिर के लिए जमीन देने के लिए यूएई सरकार के प्रति आभार जताया। यह मंदिर दुबई-अबू धाबी हाईवे पर अबू मुरेंखाह में बनाया जाएगा।

खास बात यह है कि इस मंदिर में लगने वाले पत्थरों की नक्काशी का काम भारत में कारीगरों के द्वारा होगा और फिर उन्हें अबू धाबी में लगाया जाएगा। मंदिर में विजिटर सेंटर, प्रार्थना हॉल, प्रदर्शनी के लिए सेंटर, अध्ययन की जगह, बच्चों और युवाओं के लिए खेलने की जगह, उद्यान, पानी की सुविधा और भोजन के लिए फूड कोर्ट बनाया जाएगा। सभी धर्मों के लोग मंदिर में इन सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। बता दें कि बीएपीएस दिल्ली समेत कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप में भी मंदिरों का प्रबंधन करती है। अक्षरधाम मंदिर दुनिया भर में अपनी बेजोड़ खूबसूरती और खास प्रबंधन की वजह जाने जाते हैं।

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