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मालदीव की संसद में बोले पीएम मोदी- आतंकवाद पर हो ग्लोबल कॉन्फ्रेन्स, पाक-चीन के राजदूत भी थे मौजूद

दोबारा पीएम बनने के बाद पहला विदेश दौरा के क्रम में दो दिन के दौरे पर पहुंचे पीएम का माले एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत हुआ। उन्हें मालदीव के सर्वोच्च सम्मान ‘रूल ऑफ निशान इज्जुद्दीन’ से भी सम्मानित किया गया।

मालदीव की संसद को संबोधित करते पीएम नरेंद्र मोदी। (फोटो-ANI)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदीव की संसद को संबोधित करते हुए पूरी दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि अच्छा आतंकवाद और बुरा आतंकवाद नहीं होता बल्कि आतंकवाद आतंकवाद होता है। पीएम ने कहा, “यह बहुत बड़ा दुर्भाग्य है कि लोग अभी भी good terrorist और bad terrorist का भेद करने की गलती कर रहे हैं। पानी अब सिर से ऊपर निकल रहा है। आतंकवाद और radicalisation से निपटना विश्व के नेतृत्व की सबसे खरी कसौटी है।” उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि आतंकवाद पर वैश्विक सम्मेलन हो।

उन्होने कहा, “आतंकवाद हमारे समय की बड़ी चुनौती है। आतंकवादियों के न तो अपने बैंक होते हैं और ना ही हथियारों की factory। फिर भी उन्हें धन और हथियारों की कभी कमी नहीं होती। कहाँ से पाते हैं वे यह सब? कौन देता है उन्हें ये सुविधाएं? आतंकवाद की State sponsorship सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है।” पीएम ने कहा, “देशों के संबंध सिर्फ सरकारों के बीच नहीं होते, लोगों के बीच संपर्क उनका प्राण होते हैं। इसलिए, मैं उन सभी उपायों को विशेष महत्व देता हूँ जिनसे people-to-people exchanges को बढ़ावा मिले। अत: मुझे विशेष खुशी है कि हमने आज दोनों देशों के बीच ferry service पर समझौता किया है।” पीएम के संबोधन के वक्त पाकिस्तान और चीन के राजदूत भी मालदीव की संसद में मौजूद थे।

दोबारा पीएम बनने के बाद पहला विदेश दौरा के क्रम में दो दिन के दौरे पर पहुंचे पीएम का माले एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत हुआ। उन्हें मालदीव के सर्वोच्च सम्मान ‘रूल ऑफ निशान इज्जुद्दीन’ से भी सम्मानित किया गया। एक समारोह में मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने मोदी को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया। मालदीव के विदेश मंत्री शाहिद ने ट्विटर पर कहा कि ‘द मोस्ट ऑनरेबल ऑर्डर ऑफ द डिस्टींगुइश्ड रूल ऑफ निशान इज्जुद्दीन’ मालदीव का सर्वोच्च सम्मान है जिसे विदेशी हस्तियों को दिया जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलेह ने शनिवार को कई मुद्दों पर भी बातचीत की। दोनों देशों ने रक्षा और समुद्र समेत महत्वपूर्ण क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए। पहला समझौता ज्ञापन (एमओयू) जल विज्ञान संबंधी मामलों के क्षेत्र में सहयोग के लिए किया गया। दूसरा करार स्वास्थ्य के क्षेत्र में किया गया। अन्य समझौते समुद्र मार्ग के जरिए यात्री और मालवाहक सेवाएं स्थापित करने, भारत के केंद्रीय परोक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड तथा मालदीव सीमा शुल्क सेवा के बीच सहयोग पर किए गए। राष्ट्रीय सुशासन केंद्र, प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग और मालदीव के प्रशासनिक अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण पर मालदीव प्रशासनिक सेवा आयोग के कार्यक्रम के बीच भी सहमति करार पर हस्ताक्षर किए गए। भारतीय नौसेना और मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल के बीच भी सूचना साझा करने पर एक तकनीकी समझौता हुआ।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति सोलेह ने गर्मजोशी से चर्चा की। उन्होंने ट्विटर पर कहा, ‘‘परस्पर लाभकारी साझेदारी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम सोलेह के बीच बैठक में गर्मजोशी से चर्चा हुई। विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर हमारे खास रिश्ते को और मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित है।’’ दोनों नेताओं ने एक तटीय निगरानी रडार प्रणाली और मालदीव रक्षा बलों के लिए एक प्रशिक्षण केंद्र का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। बातचीत के बाद मोदी ने कहा कि भारत, मालदीव में जिन विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रहा है उनका ध्यान लोगों की जिंदगियों पर प्रभाव छोड़ने पर है।

उन्होंने कहा कि भारत मालदीव के दक्षिणी हिस्से में एक मस्जिद के निर्माण पर राजी हो गया है जहां एक शहरी विकास केंद्र बनाया जाना है। उन्होंने बताया कि दोनों देश कोच्चि और मालदीव के बीच नौका सेवा शुरू करने पर भी सहमत हो गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मालदीव में रुपे कार्ड शुरू करने से द्वीपीय देश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मोदी ने कहा, ‘‘मालदीव में रक्षा सेवाओं को मजबूत बनाने पर बातचीत हुई। भारत मालदीव के साथ मजबूत रिश्ता चाहता है और मानता है कि एक मजबूत तथा समृद्ध मालदीव क्षेत्र के हित में होगा।’’ उन्होंने कहा कि समुद्री और रक्षा संबंध शीर्ष प्राथमिकता है और रडार प्रणाली समुद्री सुरक्षा को मजबूती प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि भारत हर संभव तरीके से मालदीव की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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