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भारत ने फिजी के लिए रिण सुविधा बढ़ाकर 7.5 करोड़ डॉलर की: मोदी

प्रशांत द्वीपसमूह के देशों के साथ मजबूत जुड़ाव बनाने की दिशा में भारत ने आज फिजी के लिए 7.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर की रिण सुविधा की घोषणा की है। यह रिण सुविधा विद्युत संयंत्र के सह-उत्पादन और चीनी उद्योग को आधुनिक बनाने के लिए दी गई है। इसके अलावा 50 लाख डॉलर का फंड इसके […]

Author November 19, 2014 3:38 PM
प्रधानमंत्री की जगह ‘परिधान मंत्री’ बन गए हैं नरेंद्र मोदी : राज बब्बर

प्रशांत द्वीपसमूह के देशों के साथ मजबूत जुड़ाव बनाने की दिशा में भारत ने आज फिजी के लिए 7.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर की रिण सुविधा की घोषणा की है। यह रिण सुविधा विद्युत संयंत्र के सह-उत्पादन और चीनी उद्योग को आधुनिक बनाने के लिए दी गई है।

इसके अलावा 50 लाख डॉलर का फंड इसके गांवों के विकास के लिए भी दिया गया है। दोनों देश आपसी रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए सहमत हुए हैं।

फिजी में अपने समकक्ष फ्रैंक बैनीमरामा के साथ वार्ता के बाद ये घोषणाएं करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिजी के निवासियों के लिए आगमन पर वीजा की सुविधा की भी घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने कई सहायक परियोजनाओं की घोषणा की, जिनमें संसद पुस्तकालय और इस देश से भारत जाने वाले लोगों के लिए छात्रवृत्तियों एवं प्रशिक्षण अवधियों को दोगुना करना शामिल है।

दोनों देशों के इन नेताओं के बीच कुल तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए और रिण सुविधा इसी का हिस्सा थी।

तीन देशों की अपनी 10 दिवसीय यात्रा के तीसरे और अंतिम चरण के तहत प्रधानमंत्री मोदी आज एक दिवसीय यात्रा के लिए तड़के सुबह यहां पहुंचे। वर्ष 1981 में इंदिरा गांधी की यात्रा के बाद 33 वर्षों में पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री फिजी के दौरे पर आया है।

छोटे और सुदूर प्रशांत द्वीपीय देश फिजी ने मोदी के स्वागत की तैयारियां बड़े स्तर पर की हुई थीं। उनकी आगवानी के लिए फिजी के प्रमुख और पूर्व सैन्य शासक फ्रैंक बैनीमरामा सुवा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर आए थे।

वर्ष 2006 में बैनीमरामा ने सैन्य तख्तापलट के जरिए सत्ता हासिल की थी। उस सत्ता परिवर्तन के बाद से प्रशांत देश के पहले संसदीय चुनावों के जरिए 22 सितंबर को बैनीमरामा ने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

प्रधानमंत्री मोदी को हवाईअड्डे पर औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय एवं संसद के पास स्थित अल्बर्ट पार्क में पारंपरिक स्वागत समारोह में शिरकत की।

मैदान में जुटे भारतीय मूल के लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाथ भी मिलाया।

बैनीमरामा के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय में मीडिया को दिए संयुक्त संबोधन में मोदी ने कहा, ‘‘यह एक नया दिन है और फिजी के साथ हमारे संबंधों की एक नयी शुरूआत है।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘फिजी प्रशांत द्वीपसमूह के साथ भारत के मजबूत संबंधों के एक केंद्र के रूप में काम कर सकता है। मैं इस यात्रा को पुराने संबंधों के नवीकरण और भविष्य में एक मजबूत साझेदारी की नींव रखने के अवसर के रूप में देखता हूं।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने फिजी की संसद को भी संबोधित किया। संसदीय चुनावों के बाद फिजी की संसद को संबोधित करने वाले वे पहले विदेशी नेता हैं। इस संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत फिजी को ‘डिजीटल फिजी बनाने के लिए उसके साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है।

रिण सीमा के तहत 7 करोड़ डॉलर रारव चीनी मिल स्थित बिजली संयंत्र के सह-उत्पादन के लिए और 50 लाख डॉलर फिजी के गांव और लघु एवं मध्यम उद्योगों को मजबूत करने के लिए हैं।

प्रेस को दिए संयुक्त संबोधन में मोदी ने कहा, ‘‘मैं फिजी को भारत का एक अहम सहयोगी मानता हूं। हमारे बीच गहरे और स्थायी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंध हैं। प्रशांत क्षेत्र और विकासशील दुनिया में फिजी एक प्रभावशाली स्थान रखता है और यह बहुपक्षीय मंचों पर हमारा साझेदार है।’’

 

 

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