फ्रांस की राजधानी पेरिस में पहले हिंदू मंदिर का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का उद्घाटन समारोह था, जिसे पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि पेरिस में बना भव्य मंदिर सदियों तक दोनों देशों के बीच सहयोग और अवसरों के प्रतीक के रूप में खड़ा होगा।

पीएम मोदी ने कहा, “आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है।”

BAPS संस्था की पीएम मोदी ने की तारीफ

पीएम मोदी ने आगे कहा कि BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

पीएम मोदी ने कहा, “बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। टेक, AI और डिफेन्स से लेकर स्पेस और क्लाइमेट एक्शन तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये रणनीतिक साझेदारी इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है।”

भारत में तराशा गया मंदिर का पत्थर

पीएम मोदी ने कहा कि ‘इंटरनेशनल योगा डे’ पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है और यह मंदिर ‘मेड इन इंडिया’ है और ‘बिल्ट इन फ्रांस’ है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की प्राचीन प्रतिभा यहां फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूं, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई प्राणप्रतिष्ठा

सोमवार सुबह 6:45 से 9 बजे तक वैदिक मंत्रोच्चार और महापूजा के बीच महंत स्वामी महाराज ने मंदिर में सनातन धर्म के विभिन्न अवतार-स्वरूपों की प्राणप्रतिष्ठा की और प्रथम आरती उतारी। वेदोक्त विधि से श्री अक्षर-पुरुषोत्तम महाराज (भगवान श्री स्वामिनारायण और गुणातीतानंद स्वामी); भगवान श्री राधा-कृष्ण; भगवान श्री सीता-राम, श्री हनुमानजी और लक्ष्मणजी; भगवान शंकर और पार्वतीजी, श्री गणेशजी और श्री कार्तिकेयजी; स्वामी श्री अयप्पाजी; तथा भगवान श्री पद्मावती-वेंकटेश्वरजी के स्वरूपों की प्राणप्रतिष्ठा की गई।

यह अवसर पांच दशक से अधिक पुराने संकल्प की पूर्ति भी बना। 1970 में परम पूज्य योगीजी महाराज ने पेरिस में मंदिर निर्माण के लिए आशीर्वाद दिए थे। उनके आध्यात्मिक उत्तराधिकारी परम पूज्य प्रमुखस्वामी महाराज ने इस संकल्प को आगे बढ़ाया, जो परम पूज्य महंत स्वामी महाराज के मार्गदर्शन में साकार हुआ। समारोह में महंत स्वामी महाराज ने योगीजी महाराज को संबोधित अपना व्यक्तिगत पत्र पढ़ा और उनके संकल्प को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्वयं और प्रमुखस्वामी महाराज को गुरु की इच्छा पूरी करने का निमित्त बताते हुए मंदिर निर्माण से जुड़ी सभी सेवाएं योगीजी महाराज के चरणों में अर्पित कीं। उन्होंने मंदिर को बुसी-सेंट-जॉर्जेस के सांस्कृतिक परिदृश्य के लिए एक नवीन उपहार बताया।

प्राणप्रतिष्ठा के बाद महंत स्वामी महाराज ने फ्रांस के लोगों की सुख-समृद्धि और संपूर्ण विश्व में शांति के लिए प्रार्थना की। अपने आशीर्वचन में उन्होंने सभी सेवकों और सहयोगियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की, प्रमुखस्वामी महाराज के योगदान का स्मरण किया और सभी को श्रद्धा-भक्ति से मंदिर का लाभ लेने तथा सेवा करने की प्रेरणा दी।

‘फेस्टिवल ऑफ कल्चर’ का हो रहा आयोजन

मंदिर के लोकार्पण के उपलक्ष्य में बुसी-सेंट-जॉर्जेस और पेरिस में 13 दिवसीय ‘फेस्टिवल ऑफ कल्चर’ (पेरिस मंदिर महोत्सव) आयोजित किया जा रहा है।

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शिक्षक दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के 100 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। पीएम मोदी ने यहां GenZ छात्रों को संबोधित करते हुए इस कॉलेज को देश का ऐतिहासिक कॉलेज बताया। पीएम मोदी ने कहा कि आज का ये अवसर श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के लिए बहुत ऐतिहासिक है। पीएम ने कहा कि SRCC का हिस्सा रही अनेक पीढ़ियां एक साथ जुटी हैं। मैं आप सभी को SRCC के इस शताब्दी समारोह के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। पढ़िए पूरी खबर…