चुनाव में इमरान खान अलाप रहे कश्मीर राग, बोले-कश्मीरियों के पास नहीं है तीसरा विकल्प

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में रविवार को चुनाव होने वाले हैं। पीओके विधानसभा में 53 सीटें हैं और इसके लिए 700 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं।

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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि उनकी सरकार कश्मीर के लोगों को पाकिस्तान के साथ रहने या एक स्वतंत्र राज्य बनने का विकल्प देने के लिए एक जनमत संग्रह कराएगी। (फोटो – रायटर्स)

रविवार को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर(पीओके) में चुनाव होने को हैं। पीओके में चुनाव प्रचार के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने जमकर कश्मीरी राग अलापा। इमरान खान ने कश्मीरियों को तीसरा विकल्प नहीं देते हुए कहा कि कश्मीर के लोग यह तय करेंगे कि वे पाकिस्तान में शामिल होना चाहते हैं या स्वतंत्र रूप से रहना चाहते हैं।

दरअसल पिछले दिनों 18 जुलाई को पाकिस्तान की मुख्य विपक्षी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की नेता मरियम नवाज ने पीओके में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि कश्मीर की राजनैतिक स्थिति को बदलने का निर्णय लिया गया है और इसको प्रांत बनाने की योजना है। 

मरियम नवाज के इन दावों को खारिज करते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने पीओके के तरार खल इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि उन्हें नहीं पता है कि यह बात कहां से शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार कश्मीर को प्रांत बनाने की योजना पर काम नहीं कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी सरकार कश्मीर के लोगों को पाकिस्तान के साथ रहने या एक स्वतंत्र राज्य बनने का विकल्प देने के लिए एक जनमत संग्रह कराएगी।

इस दौरान इमरान खान ने यह भी कहा कि एक दिन आएगा जब कश्मीरियों को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुसार अपना भविष्य तय करने की अनुमति दी जाएगी। पाकिस्तान की नीति के अनुसार कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के अनुसार एक जनमत संग्रह के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए। जिसमें कश्मीरियों को भारत या पाकिस्तान में से किसी एक को चुनने की अनुमति मिले। इमरान खान ने किसी तीसरे विकल्प की बात से किनारा कर लिया। संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव में स्वतंत्रता का कोई तीसरा विकल्प नहीं है।

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में रविवार को चुनाव होने वाले हैं। पीओके विधानसभा में 53 सीटें हैं और इसके लिए 700 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं। पीओके में करीब 20 लाख वोटर हैं। पीओके पर पाकिस्तान की संवैधानिक स्थिति यह है कि वह इसे देश का हिस्सा नहीं मानता है, बल्कि इसे कश्मीर का आजाद हिस्सा मानता है। इस क्षेत्र में पहला आम चुनाव 1970 में हुआ था।

पीओके की 53 सीटों में से 33 कश्मीर के निर्वाचन क्षेत्र से चुने जाते हैं बाकी 12 सीटें 1947 के दौरान भारत से पाकिस्तान आए लोगों के लिए आरक्षित है जो पाकिस्तान के दूसरे हिस्सों में बसे हैं। इन्हें शरणार्थी निर्वाचन क्षेत्र भी कहा जाता है। बाकी बची 8 सीटें में से पांच महिलाएं, एक पेशेवर, एक विदेश में बसे पीओके निवासी और एक मुस्लिम धर्मगुरु के लिए है। चुने गए प्रतिनिधि ही पीओके के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं।

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