वैश्विक खतरा बना महासागर में प्लास्टिक कचरा

प्रति व्यक्ति आधार पर अमेरिका चीन की तुलना में अधिक मात्रा में प्लास्टिक कचरे का उत्पादन करता है, जबकि चीन को अक्सर प्रदूषण से संबंधित मुद्दों पर बदनाम किया जाता है। ये निष्कर्ष 2020 में प्रकाशित एक अध्ययन का आधार हैं।

दुनिया के महासागरों में तमाम तरह का प्लास्टिक कचरा बड़ा खतरा बना रहा है। यह समुद्र तटों पर, मछलियों में और यहां तक कि आर्कटिक समुद्री बर्फ में भी दिखाई देता है। अमेरिका की नेशनल एकेडमी आफ साइंसेज, इंजीनियरिंग और मेडिसिन की एक नई रिपोर्ट में इस समस्या को लेकर खासी चिंता जताई गई है।

अमेरिका प्लास्टिक के कच्चे माल की वैश्विक आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा पैदा करता है, जो प्लास्टिक के सभी औद्योगिक और उपभोक्ता उत्पादों के लिए प्राथमिक सामग्री है। यह हर साल अरबों डालर मूल्य के प्लास्टिक उत्पादों का आयात और निर्यात भी करता है। प्रति व्यक्ति आधार पर अमेरिका चीन की तुलना में अधिक मात्रा में प्लास्टिक कचरे का उत्पादन करता है, जबकि चीन को अक्सर प्रदूषण से संबंधित मुद्दों पर बदनाम किया जाता है। ये निष्कर्ष 2020 में प्रकाशित एक अध्ययन का आधार हैं।

शोधकर्ताओं ने 1960 के दशक के अंत और 1970 के दशक की शुरुआत में समुद्री प्लास्टिक प्रदूषण का दस्तावेजीकरण करना शुरू किया। 2000 के दशक की शुरुआत में इस मुद्दे में सार्वजनिक और वैज्ञानिक रुचि बढ़ी, जब समुद्र विज्ञानी चार्ल्स मूर ने ग्रेट पैसिफिक गारबेज पैच की ओर ध्यान आर्किषत किया। यह मध्य उत्तर प्रशांत में एक ऐसा क्षेत्र है, जहां महासागर धाराएं तैरते हुए प्लास्टिक कचरे को हजारों मील की दूरी पर भंवर की शक्ल में जमा करती हैं।

अब दक्षिण प्रशांत, उत्तर और दक्षिण अटलांटिक और हिंद महासागर में प्लास्टिक के कचरे के अधिक पैच पाए गए हैं। अप्रत्याशित रूप से प्लास्टिक समुद्री खाद्य श्रृंखला में व्याप्त है। सात सौ से अधिक समुद्री प्रजातियां प्लास्टिक को निगलने लगी हैं, जिनमें 200 से अधिक ऐसी प्रजातियां शामिल हैं, जिन्हें मनुष्य खाते हैं।

शोध से पता चलता है कि प्लास्टिक से जुड़े रसायनों के संपर्क में आने वाले हार्मोन में हेरफेर हो सकता है जो हमारे शरीर में कई प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं- बच्चों में विकास संबंधी समस्याएं पैदा करते हैं, या मोटापे को बढ़ावा देने वाले तरीकों से मानव चयापचय प्रक्रियाओं को बदलते हैं।

जानकारों की राय में, समुद्र से प्लास्टिक कचरे का पता लगाने, उसे ट्रैक करने और हटाने के कार्यों के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता की जरूरत होगी, लेकिन समुद्री कचरे के अनुसंधान और सफाई के लिए बहुत कम संघीय धन है। उदाहरण के लिए, वर्ष 2020 में एनआएए का समुद्री मलबा कार्यक्रम का बजट अनुरोध 70 लाख डालर था, जो एनआएए के 5.65 अरब डालर के 2020 के बजट का मात्र 0.1 फीसद हिस्सा है। समुद्री मलबा कार्यक्रम के लिए प्रस्तावित वित्त पोषण में वित्तीय वर्ष 2022 के लिए 90 लाख की वृद्धि हुई, जो सही दिशा में एक कदम है।

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