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पेशावर में तालिबान ने ढाया कहर, 141 की मौत जिनमें 132 बच्चे

भारी हथियारों से लैस तालिबानी आत्मघाती हमलावरों ने यहां एक सैनिक स्कूल में घुसकर अंधाधुंध गोलियां बरसायीं जिससे 141 लोगों की मौत हो गयी जिनमें ज्यादातर स्कूली बच्चे हैं। इस घटना में 130 लोग घायल भी हुए हैं। अर्द्धसैनिक फ्रंटियर कोर की वर्दी पहनकर आए आठ से दस अरबी भाषी हमलावर सुबह साढे दस बजे […]

Author December 17, 2014 1:42 PM
पेशावर में तालिबान हमला, 141 की मौत जिनमें 132 बच्चे

भारी हथियारों से लैस तालिबानी आत्मघाती हमलावरों ने यहां एक सैनिक स्कूल में घुसकर अंधाधुंध गोलियां बरसायीं जिससे 141 लोगों की मौत हो गयी जिनमें ज्यादातर स्कूली बच्चे हैं। इस घटना में 130 लोग घायल भी हुए हैं।

अर्द्धसैनिक फ्रंटियर कोर की वर्दी पहनकर आए आठ से दस अरबी भाषी हमलावर सुबह साढे दस बजे :स्थानीय समय: वरसाक रोड स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल में घुस गए और उन्होंने सबसे बर्बर में से एक हमले में कक्षाओं में बारी बारी से जाकर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं और मासूमों की हत्या कर दी।
सेना के मुख्य प्रवक्ता मेजर जनरल आसिम बाजवा ने आज रात संवाददाताओं को बताया कि मारे गए 141 लोगों में 132 बच्चे हैं। स्कूल के नौ कर्मचारी भी शामिल हैं। कुल 130 लोग घायल हुए हैं जिनमें 118 छात्र, तीन कर्मचारी, सात एसएसजी सैनिक और दो अधिकारी शामिल हैं।

बाजवा ने कहा कि 960 बच्चों और कर्मचारियों को बचाया गया है।

इससे पहले, खबरों में कहा गया था कि मरने वालों की संख्या 160 है लेकिन बाद में इसे कम किया गया।

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आठ घंटे से अधिक समय तक चले गतिरोध के दौरान आतंकवादियों ने शिक्षकों और स्कूल के प्रधानाचार्य सहित कई लोगों को बंधक बनाकर मानवीय ढाल के रूप में प्रयोग किया।

हमले में सभी छह आतंकवादी मारे गये जिसमें से चार ने खुद को बम से उड़ा लिया।

तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान ने कराची में 2008 आत्मघाती हमले में 150 लोगों की मौत के बाद हाल के वर्षों के सबसे खूनी हमले की जिम्मेदारी ली।

तालिबान के प्रवक्ता ने दावा किया कि उसके छह आत्मघाती हमलावरों ने सैन्य स्कूल पर हमला किया। उसने कहा कि यह पेशावर के करीब उत्तरी वजीरिस्तान कबाइली क्षेत्र में आतंकवादियों के खिलाफ सेना के अभियान का बदला है।

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि वे हमारा दर्द महसूस करें।’’

विश्वभर के नेताओं ने इस हमले की निंदा की और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इसे ‘‘राष्ट्रीय त्रासदी’’ करार दिया और पेशावर में सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की। शरीफ को पेशावर में अभियान और हमले के बारे में जानकारी दी गई।

शरीफ ने दोहराया कि देश के कबाइली क्षेत्र से आतंकवादियों को खत्म करने का सैन्य अभियान ‘जार्ब ए अज्ब’ जारी रहेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘यह कायरतापूर्ण घिनौना कृत्य है… देश को आतंकवाद से लड़ने के लिए एकजुट होना चाहिए।’’

इस बीच, वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस हमले की निंदा करते हुए हिंसक चरमपंथ के खिलाफ पाकिस्तान के संघर्ष को अमेरिका के समर्थन की प्रतिबद्धता जताई।

पाकिस्तान में तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी शोक की घोषणा की गयी है। सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ भी स्थिति पर नजर रखने के लिए पेशावर पहुंचे।
चश्मदीदों ने स्थानीय मीडिया से कहा कि हाल के वर्षों में बच्चों के खिलाफ दुनियाभर में अब तक के सबसे बर्बर हमलों में से एक हमले में, आतंकवादियों ने कक्षाओं में घुसकर छात्रों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं।

जिंदा बचे एक छात्र ने कहा कि वे अरबी भाषा में बोल रहे थे और विदेशी लग रहे थे।

तालिबान के आज के हमले से रूस के नार्दर्न ओसेतिया के बेसलान में हुई घिनौनी घटना की यादें ताजा हो गईं जब कम से कम 32 हथियारबंद लोगों ने एक स्कूल में घुसकर एक हजार से अधिक लोगों जिसमें ज्यादातर बच्चे शामिल थे, को बंधक बनाया था। इस हमले में 330 से अधिक लोगों की मौत हुई थी जिसमें ज्यातदातर बच्चे शामिल थे।

माना जाता है कि जब हमला शुरू हुआ उस वक्त करीब 500 छात्र और शिक्षक स्कूल के अंदर मौजूद थे।

सभी छह तालिबानी हमलावरों को मार गिराए जाने के बाद यह हमला खत्म हुआ और साफ सफाई का काम किया जा रहा है।

प्रांत के सूचना मंत्री मुश्ताक गनी ने बताया कि आतंकवादी आर्मी पब्लिक स्कूल से सटे एक कब्रिस्तान के रास्ते आए थे।

यह स्कूल वरसाक रोड पर स्थित सेंट मैरी स्कूल से सटा हुआ है। पिछले कई दिनों से इस स्कूल पर भी आतंकवादी खतरा बना हुआ था।

पुलिस और सुरक्षाबलों की बड़ी टुकड़ी ने इलाके को नियंत्रण में लेने के लिए स्कूल की ओर जाने वाली सड़कों को बंद कर दिया।

सेना ने कराची अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आतंकवादी हमले और सरकार तथा तालिबान के वार्ताकारों के बीच शांति वार्ता नाकाम रहने के बाद जून में बड़ा सैन्य अभियान ‘जर्ब ए अज्ब’ चलाया था।

सेना ने कहा कि उत्तरी वजीरिस्तान तथा इसके पास के कबाइली क्षेत्र में अभियान के दौरान 1300 से अधिक उग्रवादियों की मौत हुई है और वह उग्रवाद के पाकिस्तान से पूरी तरह से सफाया होने तक अभियान जारी रखेगी।

विपक्षी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के इमरान खान ने इस हमले को ‘‘बर्बरतापूर्ण’’ कार्रवाई बताया। खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत में इमरान खान की पार्टी का शासन है।

हमले के कारण, खान ने पूरे देश में बंद के आह्वान की योजना 18 दिसंबर के लिए स्थगित कर दी।

स्कूल के समीप रहने वाली शगुफ्ता ने जियो टीवी को बताया कि उन्होंने दो धमाकों की आवाजें सुनीं जिसके बाद एक हल्का धमाका हुआ।

शुजा नाम के एक छात्र ने समा टीवी को बताया कि जब गोलीबारी शुरू हुई उस समय वे इम्तिहान दे रहे थे तभी शिक्षकों ने उनसे जमीन पर लेट जाने को कहा।

छात्र ने बताया कि सेना के जवानों के आने तक वे करीब एक घंटे फर्श पर लेटे रहे जिसके बाद जवानों ने उन्हें जाने को कहा।

कई छात्रों को पीछे के दरवाजे से निकाला गया। वहां से निकले एक छात्र ने दुनया टीवी को बताया कि जब उन्होंने गोलियों की आवाज सुनी तब चौथा पीरियड चल रहा था।

उसने बताया, ‘‘पहले तो हमें यह पता ही नहीं चला कि क्या हुआ…? लेकिन बाद में सेना के अधिकारियों ने हमें पिछले दरवाजे से निकलने को कहा।’’
भारत में चैंपियंस ट्रॉफी में रजत पदक जीतने वाली पाकिस्तान हॉकी टीम के स्वागत के लिए लाहौर में आयोजित स्वागत समारोह को इस घटना के बाद टाल दिया गया।

पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने बताया कि भविष्य में उचित समय आने पर समारोह आयोजित किया जाएगा।

 

 

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