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व्यक्तित्व: सुमन बोडानी: पाकिस्तान की पहली हिंदू महिला जज

सुमन बोडानी सिंध प्रांत के शाहदादकोट के रहने वाले डॉक्टर पवन बोडानी की बेटी हैं। सुमन ने सिविल जज/न्यायिक मजिस्ट्रेट की मेरिट लिस्ट में 54वां स्थान हासिल किया। उन्हें सिविल जज और जुडिशियल मजिस्ट्रेट का पद दिया गया।

Author February 5, 2019 7:33 AM
सुमन को सिविल जज और जुडिशियल मजिस्ट्रेट का पद दिया गया है। (Image Source: Facebook/Drpawan Bodani)

पाकिस्तान में अल्संख्यक हिंदू समुदाय की सुमन पवन बोडानी ने इतिहास रचा है। वह पाकिस्तान की पहली महिला हिंदू जज बनी हैं। सिख समुदाय से पहले सेनाधिकारी मेजर हरचरण सिंह और पाकिस्तानी क्रिकेट टीम में चुने गए महिंदर पाल सिंह के बाद हिंदू समाज की सुमन बोडानी की सफलता की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई है। जस्टिस राणा भगवान दास हिंदू समुदाय से पहले जज नियुक्त किए हुए थे। उन्होंने 2005 से 2007 के बीच पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश का कार्यभार भी संभाला था। कृष्णा कुमारी पाकिस्तान की पहली हिंदू सांसद बनीं, जिन्होंने मार्च 2018 में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के टिकट पर सांसद का चुनाव जीता था। पाकिस्तान में हिंदू समुदाय अल्पसंख्यक है और उस देश की कुल जनसंख्या में उनकी आबादी करीब दो फीसद है। सिंध के शाहदादकोट, जैकोबाबाद, काशमोर और शिकारपुर ऐसे इलाके हैं, जहां अक्सर हिंदू समुदाय की लड़कियों के कथित तौर पर धर्म परिवर्तन और व्यापारियों को अगवा किए जाने की शिकायत आती रही हैं।

सुमन बोडानी सिंध प्रांत के शाहदादकोट के रहने वाले डॉक्टर पवन बोडानी की बेटी हैं। सुमन ने सिविल जज/न्यायिक मजिस्ट्रेट की मेरिट लिस्ट में 54वां स्थान हासिल किया। उन्हें सिविल जज और जुडिशियल मजिस्ट्रेट का पद दिया गया। शाहदादकोट सिंध और बलूचिस्तान की सीमा पर बसा हुआ एक पिछड़ा शहर है। 2010 में आई बाढ़ के दौरान जो शहर प्रभावित हुए थे, उनमें शहदादकोट भी शामिल था।

कंबर-शाहदकोट निवासी सुमन अपने पैतृक जिले में ही न्यायाधीश के तौर पर सेवाएं देंगी। डॉन अखबार के मुताबिक, उन्होंने हैदराबाद से एलएलबी और कराची की सैयद जुल्फिकार अली भुट्टो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान से कानून में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। सुमन बोडानी ने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई अपने ही शहर में हासिल की। वह कराची में मशहूर वकील रिटायर्ड जस्टिस रशीद रिजवी के लॉ फर्म के साथ जुड़ीं और दो साल उनकी सहायक रहीं। सुमन के पिता डॉक्टर पवन बोडानी शाहदादकोट में आंखों के इलाज का क्लीनिक चलाते हैं। उनका कहना है कि 1991 में उन्होंने कमीशन पास किया, लेकिन सरकारी नौकरी में तनख्वाह कम होने के कारण वह 1992 से शाहदादकोट में ही निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं।

सुमन की बड़ी बहनों में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। सुमन की छोटी बहन ओमान में चार्टर्ड अकाउंटेंट है, जबकि एक भाई निजी यूनिवर्सिटी में आॅडिटर हैं। अन्य दो छोटे भाई कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं जो डॉक्टर बनने की इच्छा रखते हैं। सोशल मीडिया पर सुमन बोडानी की प्रोफाइल के मुताबिक, वह लता मंगेशकर और आतिफ असलम की प्रशंसक हैं। उनकी पसंदीदा फिल्मों में ‘विवाह’ और ‘दी डेविल्स एडवोकेट’ शामिल हैं।
इसके अलावा वह शायरी पढ़ने में भी दिलचस्पी रखती हैं।

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