वेनेजुएला में आए दो जोरदार भूकंपों से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1430 हो गई है। 3200 से ज्यादा लोग घायल हैं और 50000 से ज्यादा लोग लापता हैं। शनिवार को बचाव दल तेजी से बचे हुए लोगों की तलाश में जुटे रहे, जबकि देश में 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप आए हुए कई दिन बीत चुके थे।
काराकास के उत्तर में स्थित तटीय राज्य ला गुएरा भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। एंबुलेंस और बचाव गाड़ियां तेजी से सड़कों पर दौड़ रही हैं और सायरन बज रहे हैं। बस्तियों में चारों ओर धूल जमी है।
बच जाने वालों की कहानियां
एक मां को अपनी बेटी की लाश खुद काराकास के मुर्दाघर तक ले जानी पड़ी। बुधवार को ला गुएरा में उनके घर के मलबे में दबने से उनकी बेटी और दामाद की मौत हो गई थी। उन्होंने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, “हमने ही उन्हें मलबे से बाहर निकाला था। कोई मदद कभी नहीं मिली।”
सरकार की तरफ से की जा रही अपर्याप्त कार्रवाई को लेकर लोगों में निराशा बढ़ रही है। सैनिक, दमकलकर्मी, पुलिस और मिलिट्री कैडेट इस बड़ी त्रासदी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं दिख रहे हैं।
समुद्र के किनारे बसे शहर काराबालेडा में तलाशी अभियान में शामिल माइलेडी रोमेरो ने कहा, “वहां कल रात से ही लाशों का ढेर लगा है। इनमें नवजात बच्चे भी हैं। रात 8 बजे तक वहां लोग जिंदा थे, लेकिन उन्हें बचाने की कोई कोशिश नहीं की गई। हमने कई लाशों का पता लगाया है, लेकिन उन्हें निकालने में भी हमारी कोई मदद नहीं की गई। वे किसका इंतजार कर रहे हैं।”
सरकारी कर्मचारियों ने सेल्फी लीं
एक गिरी हुई इमारत के पास, लोगों ने एक एक्सकेवेटर को जाने से रोक दिया और उसके ऑपरेटर को केबिन से बाहर खींच लिया। ऐसा तब हुआ जब सरकारी कर्मचारियों ने मलबे में बदली इमारतों के सामने सेल्फी लीं और बिना किसी की मदद किए चले गए। तीन दिनों से तलाशी अभियान में जुटे येसन मार्कानो ने कहा, “वे बस ‘अरेपास’ (एक तरह का खाना) खाने और तस्वीरें खिंचवाने आए थे ताकि ऐसा लगे कि वे काम कर रहे हैं। उन्होंने अपनी वर्दी भी वैसी गंदी नहीं होने दी, जैसी हमारी हो गई है।”
कार्यवाहक राष्ट्रपति को गुस्से का सामना करना पड़ा
सरकार ने ला गुएरा तक पहुंच प्रतिबंधित कर दी है और वॉलटिंयर के लिए सुरक्षित एंट्री पास हासिल करना अनिवार्य कर दिया है। कराकस में एक कॉन्सर्ट हॉल के बाहर कतार में इंतजार कर रहे लोगों में गुस्सा बढ़ गया। 27 साल के कार्लोस इंट्रियागो ने शिकायत की, “आपको जिंदगी बचाने के लिए परमिट की जरूरत है।” वहीं एजेकिएल रिवेरो ने कहा, “मैं सुबह से ही यहां कतार में खड़ा हूं ताकि मैं लोगों को बचा सकूं।” कराकस के चाकाओ में कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने दौरा किया और एक त्रासदी के बीच प्रचार करने की कोशिश के लिए लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा।
म्यूजिशियन जायरा कास्त्रो ने साफ-साफ कहा, “असल में हम वेनेजुएला के लोग ही एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं। हम ऐसे समाज में रहते हैं जहां लोग एक-दूसरे की मदद करते हैं। हम सरकार पर निर्भर नहीं हैं, हमारे लिए उसका कोई अस्तित्व नहीं बचा है।” जो लोग बच गए हैं, उन्हें बाहर ही रहना पड़ रहा है। इमारतें अब इतनी मजबूत या सुरक्षित नहीं हैं कि लोग उनमें वापस जा सकें।
अंतरराष्ट्रीय मदद पहुंच रही
21 देश सर्च एंड रेस्क्यू टीमें भेज रहे हैं। अमेरिका ने 250 से ज्यादा कर्मचारी तैनात किए हैं। संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी का अनुमान है कि 67.6 लाख तक लोग प्रभावित हो सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र ने 6.7 अरब डॉलर के भौतिक नुकसान का अनुमान लगाया है, जो वेनेजुएला की जीडीपी का छह प्रतिशत है।
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दक्षिणी अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए सात से भी अधिक तीव्रता के दो भूकंप के झटकों से हुई भारी क्षति ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। इस त्रासदी का दायरा इतना बड़ा है कि हजारों नागरिक अब भी लापता हैं। फिलहाल पाँच सौ से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि हजारों लोग घायल हुए हैं। जाहिर है कि जान-माल की इस भारी क्षति से देश की अर्थव्यवस्था को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई आसान नहीं होगी। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
