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पीरियड्स की वजह से हो रहा था दर्द, बॉयफ्रेंड समेत जबरन प्लेन से उतार दिया!

एयरलाइन कंपनी अमीरात ने बयान जारी कर कहा, "बेथ को मेडिकल इमरजेंसी के कारण प्लेन से उतारा गया था।" बयान में आगे यह भी कहा गया, "क्रू को जानकारी दी गई थी कि एक यात्री अच्छा महसूस नहीं कर रही थी। उसे तेज दर्द हो रहा था, जिसके बाद उसे फ्लाइट से उतारा गया।"

बेथ और उनका बॉयफ्रेंड जोशुआ 17 फरवरी को इंग्लैंड के बर्मिंघम एयरपोर्ट पर एक फ्लाइट में सवार हुए थे। फ्लाइट में बेथ को पीरियड्स के कारण दर्द हो रहा था, जिसके बारे में उन लोगों ने फ्लाइट अटेंडेंट को बताया था। (फोटोः फेसबुक)

ब्रिटेन में एक महिला को पीरियड्स की वजह से होने वाले दर्द के कारण प्लेन से जबरन उतार दिया गया। घटना के दौरान उसका बॉयफ्रेंड भी उसके साथ में था। वे दोनों दुबई जाने वाले थे। फ्लाइट के उड़ान भरने से पहले उन्होंने दर्द को लेकर प्लेन में स्टाफ से शिकायत की थी। टाइम्स ऑफ लंदन की खबर के अनुसार, बेथ ईवेंस (24) और उनका बॉयफ्रेंड जोशुआ मोरान (26) शनिवार दोपहर (17 फरवरी) इंग्लैंड के बर्मिंघम एयरपोर्ट पर एक फ्लाइट में सवार हुए थे। फ्लाइट में बेथ को पीरियड्स के कारण दर्द हो रहा था, जिसके बारे में उन लोगों ने फ्लाइट अटेंडेंट को बताया, जिसके बाद उन्होंने बाहर कर दिया गया। मोरान ने द सन को इस बारे में बताते हुए कहा, “पीरियड्स के कारण होने वाले दर्द के कारण फ्लाइट से बाहर निकालना वाकई में पागलपन है। बेथ बुरी तरह से रो रही थी। एयरहोस्टेस के ऊट-पटांग सवाल उसे बिल्कुल भी अच्छे नहीं लग रहे थे। भयंकर दर्द के दौरान बेथ के लिए उसे बयान करना बेहद कठिन और परेशान करने वाला था।” खबर की मानें तो एयरलाइन स्टाफ ने महिला यात्री के दर्द के स्तर को 10 में 1 रेटिंग दी थी।

उधर, एयरलाइन कंपनी अमीरात ने बयान जारी कर कहा, “बेथ को मेडिकल इमरजेंसी के कारण प्लेन से उतारा गया था।” बयान में आगे यह भी कहा गया, “क्रू को जानकारी दी गई थी कि एक यात्री अच्छा महसूस नहीं कर रही थी। उसे तेज दर्द हो रहा था, जिसके बाद उसे फ्लाइट से उतारा गया, ताकि वह जरूरी इलाज मिल सके।”

वहीं, ईवंस का कहना है कि उन्हें फ्लाइट से जबरन उतारे जाने के बाद दोबारा से दुबई जाने के लिए टिकट करानी पड़ीं, जिसके लिए उन्हें 350 डॉलर्स (22768 रुपए) भी चुकाने पड़े। एयरलाइन कंपनी ने इस बाबत अपनी आधिकारिक साइट के जरिए स्पष्ट किया कि हालात के हिसाब से मामलों का आंकलन किया जाता है। सफर के दौरान जिन यात्रियों की तबीयत गड़बड़ या नाजुक होती है उन्हें प्लेन में जाने की अनुमति नहीं दी जाती है, जिसमें संक्रामक बीमारियां, ह्रदय और श्वास संबंधी समस्याएं शामिल होती हैं।

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