Pakistani rulling party senator said if there will be no poor who will work as labourers - Jansatta
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पाकिस्तान: सत्ता में अमीरों के वर्चस्व के सवाल पर सांसद ने कहा- गरीब नहीं रहेंगे तो मजदूरी कौन करेगा

पाकिस्तानी सांसद ने कहा कि अमीर और गरीब अल्लाह ने बनाए हैं और हमें इसमें दखल नहीं देना चाहिए।

Author August 26, 2016 9:56 PM
पाकिस्तान का झण्डा।

पाकिस्तानी की सत्ताधारी पार्टी पीएमएल-नवाज के सासंद सरदार मोहम्मद याकूब खान नसर गुरुवार को गरीबों पर दिए अपने बयान को लेकर आलोचना में घिर गए हैं। पाकिस्तानी अखबार डॉन में शुक्रवार को प्रकाशित खबर के अनुसार पाकिस्तानी सीनेट की एक कमेटी की गुरुवार को हुई एक बैठक में पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के सांसद ताज हैदर ने कहा कि पाकिस्तान सत्ताधारी अमीरों की जागीर बन कर रहा गया है और सारे फैसले उन्हीं के फायदे को देखते हुए लिए जाते हैं। हैदर ने कहा, “इस देश के गरीब कभी अपने नसीब का फैसला नहीं कर सकेंगे।”

हैदर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नसर ने कहा कि अगर हर कोई अमीर हो जाएगा तो गेहूं उगाने और मजदूरी करने के लिए कोई नहीं बचेगा। नसर ने कहा, “ये सिस्टम अल्लाह ने बनाया है और उसी ने किसी को अमीर और किसी को गरीब बनाया है और हमें उसके सिस्टम में दखल नहीं देना चाहिए।” नसर के जवाब में हैदर ने कहा कि सामाजिक-आर्थिक वर्ग इंसान ने बनाए हैं और अल्लाह का इससे कुछ लेना-देना नहीं है।

एक अन्य पाकिस्तानी संसद उस्मान खान काकर ने बहस के दौरान कहा कि अल्लाह ने सभी बंदों के बराबर बनाया है और गरीब अमीरों की सेवा करने के लिए नहीं होते। नसर दोनों सांसदों की बात से मुतमईन नहीं हुए। नसर ने कहा, “चीन में कभी सभी लोग बराबर माने जाते थे लेकिन वो सिस्टम चल नहीं सका। जो लोग पढ़ नहीं पाते और ज्यादा नहीं कमा पाते उन्हें ब्यूरोक्रेट की तरह जीने का हक नहीं है।”

सीनेट फंक्शनल कमिटी ऑन डिवोल्यूशन के चेयरमैन ने अमेरिका का हवाला देते हुए कहा कि वहां राष्ट्रपति भी आम नागरिकों की दुकान से दवा लेते हैं और उनके बच्चे पब्लिक स्कूल जाते हैं। इस पर नसर ने कहा कि पाकिस्तान में बराबरी का नियम संसद में भी लागू नहीं होता। नेशनल एसेंबली को मिलने वाला फंड सीनेटरों को नहीं मिलता। पाकिस्तानी संसद के दो सदन हैं। पाकिस्तानी संसद के उच्च सदन को सीनेट और निचले सदन को नेशनल एसेंबली कहते हैं।

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