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पाकिस्‍तानी अखबारों ने जाधव को फांसी के फैसले पर जताई हैरानी, लिखा- शुरू हो सकती है नए तरह की जंग

डेली टाइम्स ने पूछा है कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने जाधव से सभी सूचनाएं प्राप्त की हैं या नहीं या उन्हें केवल जाधव को फांसी पर लटकाने की ही जल्दबाजी है।
Author April 12, 2017 18:48 pm
नई दिल्‍ली में पाकिस्‍तानी उच्‍चायोग के सामने कुलभूषण जाधव की रिहाई के लिए प्रदर्शन करते पूर्व सैनिक। (PTI Photo)

पाकिस्तान के एक समाचार पत्र ने बुधवार को चेतावनी देते हुए कहा कि कथित भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव को मौत की सजा देने का पाकिस्तान का फैसला एक नए तथा दोनों देशों द्वारा एक दूसरे के खिलाफ प्रच्छन्न कार्रवाइयों का पूरी तरह से अस्थिर दौर शुरू कर सकता है। एक अन्य समाचार पत्र ने आश्चर्य जताते हुए पूछा है कि कहीं पाकिस्तानी सेना ने जासूसी तथा पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोपी कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा देने में जल्दी तो नहीं की है। ‘डॉन’ ने एक संपादकीय में कहा कि भारत तथा पाकिस्तान के बीच जासूसों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप सामने आते रहते हैं। संपादकीय के मुताबिक, “लेकिन, जाधव का मामला नियमित कार्रवाई से काफी अलग है और यह एक देश का दूसरे देश की सुरक्षा तथा खुफिया प्रणाली के खिलाफ पूरी तरह से अस्थिर गुप्त कार्रवाइयों का दौर शुरू कर सकता है।” डॉन ने उम्मीद जताते हुए कहा है कि गुप्त तौर पर बातचीत या किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से जाधव मुद्दे पर भारत व पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में मदद मिलेगी और जासूसी के लेकर नए नियमों का सूत्रपात होगा।

भारत ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर जाधव को फांसी दी गई, तो वह उसे सुनियोजित हत्या मानेगा। डॉन ने कहा, “भारत-पाकिस्तान के संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं और जाधव को फांसी की सजा का फैसला सुनाने से अनिश्चितता और बढ़ गई है।” समाचार पत्र ने कहा, “साथ ही, जाधव की सजा के बावजूद कई अनसुलझे सवाल हैं।” जाधव को कथित तौर पर पाकिस्तान के खिलाफ जासूसी तथा विध्वंसकारी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में तीन मार्च, 2016 को बलूचिस्तान के माशकेल इलाके में गिरफ्तार किया गया था।

डेली टाइम्स ने पूछा है कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने जाधव से सभी सूचनाएं प्राप्त की हैं या नहीं या उन्हें केवल जाधव को फांसी पर लटकाने की ही जल्दबाजी है। अखबार ने कहा है कि जाधव की गिरफ्तारी तथा उन्हें सजा देना यह स्मरण कराता है कि निकट भविष्य में दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच जानलेवा छद्म युद्ध जारी रह सकता है। अखबार के मुताबिक, “दोनों देशों को एक दूसरे के खिलाफ पैंतरेबाजी बंद कर शांतिपूर्ण संबंधों के पहलू पर काम करने के लिए वक्त आ गया है।”

पाकिस्तान अक्सर भारत पर बलूचिस्तान व कराची में अशांति पैदा करने का आरोप लगाता रहा है। भारत, पाकिस्तान पर जम्मू एवं कश्मीर सहित भारत में आतंकवादी समूहों का समर्थन व वित्तपोषण करने का आरोप लगाता रहा है।

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