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कश्मीर को भारत का हिस्सा बताने वाली सामाजिक अध्ययन की किताबों पर पाकिस्तान में बैन

इन किताबों में कश्मीर को भारत का हिस्सा बताया गया है। इस सच्चाई से खफा पड़ोसी मुल्क के एक सरकारी निकाय पंजाब पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तक बोर्ड (पीसीटीबी) इसे ‘गंभीर गलती’ बताते हुए किताबों के प्रकाशकों और निजी स्कूलों के प्रशासन के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराने के लिए लाहौर पुलिस में शिकायत भी दर्ज करा दी है।

पंजाब प्रांत के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे निजी स्कूलों के गोदामों से कश्मीर को भारत का हिस्सा बताने वाली सामाजिक अध्ययन की किताबों को जब्त कर लें। (Source: Punjab Curriculum & Textbook Board facebook page)

पाकिस्तान ने पंजाब प्रांत के अपने निजी स्कूलों में सामाजिक अध्ययन की किताबों को बैन कर दिया है। इन किताबों में कश्मीर को भारत का हिस्सा बताया गया है। इस सच्चाई से खफा पड़ोसी मुल्क के एक सरकारी निकाय पंजाब पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तक बोर्ड (पीसीटीबी) इसे ‘गंभीर गलती’ बताते हुए किताबों के प्रकाशकों और निजी स्कूलों के प्रशासन के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराने के लिए लाहौर पुलिस में शिकायत भी दर्ज करा दी है। पीटीआई के अनुसार पंजाब प्रांत के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे निजी स्कूलों के गोदामों से कश्मीर को भारत का हिस्सा बताने वाली सामाजिक अध्ययन की किताबों को जब्त कर लें। पीसीटीबी के प्रबंध निदेशक अब्दुल कय्यूम ने गुरुवार (7 जून) को एक अधिसूचना जारी करके पूरे पंजाब प्रांत के निजी स्कूलों में तत्काल प्रभाव से सामाजिक अध्ययन की किताबों पर बैन लगा दिया। अधिसूचना में कहा गया है,‘‘कक्षा दूसरी, चौथी, पांचवी, सातवीं और आठवीं की सामाजिक अध्ययन की किताबों में विवादित और आपत्तिजनक विषय वस्तु है, खासकर पाकिस्तान के नक्शे के संदर्भ में, जिसमें कश्मीर को भारत का हिस्सा दिखाया गया है।’’

बोर्ड ने कहा कि भविष्य में इस तरह की गलतियों को रोकने के लिए कोई भी व्यक्ति बोर्ड की पूर्व अनुमति के बिना एक संस्थान में किसी भी पाठ्यपुस्तक या पूरक सामग्री का मुद्रण, प्रकाशन और बिक्री नहीं करेगा। अधिसूचना में यह भी कहा गया कि बोर्ड किसी संस्थान के लिए पाठ्य पुस्तक या पूरक सामग्री में ऐसे किसी मुद्रण, प्रकाशन या बिक्री को मंजूरी नहीं देगा जिसमें इस्लाम के आदेशों के प्रतिकूल कुछ भी कहा गया हो या पाकिस्तान की अखंडता, रक्षा, सुरक्षा या पाकिस्तान के किसी भी हिस्से, सार्वजनिक आदेश या नैतिकता के खिलाफ कुछ शामिल किया गया हो।

बता दें कि कश्मीर को लेकर पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर अक्सर दावा ठोकता रहता है कि वह उसी का हिस्सा है। पाक समर्थित आतंकी संगठनों के तमाम सरगना भी इस बाबत अपनी रैलियों में जहर उगलते हुए मीडिया की सुर्खियां बनते हैं। निजि स्कूलों की किताबों में सच्चाई प्रकाशित होने से खुली पोल के बाद अब पाकिस्तान उसे दबाने में हर मुमकिन कोशिश कर रहा है।

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