पाकिस्तान में हवाई हमलों और मुठभेड़ में 60 आतंकी ढेर

पाकिस्तान की सेना के हवाई हमलों और एक मुठभेड़ में 60 आतंकी मारे गए। अशांत उत्तर-पश्चिमी कबाइली क्षेत्र में सेना की जांच चौकियों पर आतंकवादियों के हमले के बाद मुठभेड़ शुरू हुई थी। आतंकियों ने शनिवार तड़के अफगान सीमा के पास ओरकजई एजंसी में शिंदारा और खजाना कंदाओ में जांच चौकियों पर हमला किया। पाकिस्तानी […]

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उत्तर-पश्चिमी कबाइली क्षेत्र में सेना की जांच चौकियों पर आतंकवादियों के हमले के बाद मुठभेड़ में आतंकी मारे गए।

पाकिस्तान की सेना के हवाई हमलों और एक मुठभेड़ में 60 आतंकी मारे गए। अशांत उत्तर-पश्चिमी कबाइली क्षेत्र में सेना की जांच चौकियों पर आतंकवादियों के हमले के बाद मुठभेड़ शुरू हुई थी।

आतंकियों ने शनिवार तड़के अफगान सीमा के पास ओरकजई एजंसी में शिंदारा और खजाना कंदाओ में जांच चौकियों पर हमला किया। पाकिस्तानी सैनिकों ने हमले का जवाब दिया जिसमें 20 आतंकी मारे गए और 20 घायल हो गए। गोलीबारी में चार सैनिक भी घायल हुए। उन्हें इलाज के लिए पेशावर लाया गया। इस बीच अशांत दाताखेल इलाके में पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों के हवाई हमलों में दो आतंकी कमांडरों समेत 39 आतंकी मारे गए। सेना के प्रवक्ता असीम बाजवा ने ट्विटर पर लिखा- शुक्रवार को दाताखेल में हवाई हमलों में गोला-बारूद के विशाल भूमिगत ठिकाने को निशाना बनाया गया, पायलटों तक ने विस्फोट की आवाजें सुनीं। मृतकों की संख्या बढ़कर 39 हो गई जिसमें दो आतंकी कमांडर शामिल हैं।

सरकार के आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज करने के साथ शुक्रवार को भी देशभर में सैकड़ों संदिग्ध आतंकवादी गिरफ्तार किए गए जबकि खैबर पख्तूनख्वा में 10 गैरकानूनी मदरसों को सील कर दिया गया। ओरकजई पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम में स्थित सात अर्द्ध स्वायत्त कबाइली क्षेत्रों में से एक है जिसे पाकिस्तान तालिबान और अल कायदा के आतंकवादियों का गढ़ समझा जाता है। यह क्षेत्र तहरीके तालिबान पाकिस्तान के प्रमुख हकीमुल्ला महसूद का गुप्त ठिकाना था। महसूद को 2013 में उत्तरी वजीरिस्तान में एक अमेरिकी ड्रोन हमले में मार गिराया गया था।

पाकिस्तानी सेना ने इस साल जून में आतंकियों के खिलाफ ‘जर्बे अज्ब’ अभियान की शुरुआत की थी। इसका बदला लेने के लिए आतंकी लगातार हमले कर रहे हैं जिसकी कड़ी में हाल में पेशावर के एक स्कूल में किया गया हमला शामिल है जिसमें 150 लोग मारे गए। मरने वालों में अधिकतर बच्चे थे। इसके बाद पाकिस्तान सरकार ने आतंकियों के खिलाफ अपना अभियान और तेज कर दिया और एक संघीय आतंकरोधी बल का गठन करने के फैसले समेत कई नए उपाय किए हैं।

उधर, आतंकवाद से मुकाबले के लिए निष्क्रिय आतंकरोधी समिति को सक्रिय करने के पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के आदेश देने के बाद शनिवार को उन्हें कट्टर आतंकी और दुश्मन लड़ाकों पर मुकदमा चलाने के लिए संवैधानिक व कानूनी संशोधनों का पहला मसविदा पेश किया गया। प्रधानमंत्री ने आतंकरोधी राष्ट्रीय कार्य योजना के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए समिति की एक बैठक की अध्यक्षता की जिसे आतंकवाद से निपटने के लिए मुख्य धारा के राजनीतिक दलों की सहमति से दो दिन पहले तैयार किया गया है।

डॉन अखबार की खबर के अनुसार शनिवार की बैठक के दौरान नरसंहारों में शामिल दुश्मन लड़ाकों और कट्टर आतंकियों पर मुकदमे चलाने के लिए संवैधानिक एवं कानूनी संशोधनों का पहला मसविदा प्रधानमंत्री को सौंपा गया। एक कानूनी टीम ने योजना व विकास मंत्री अहसन इकबाल, वित्त मंत्री इशहाक डार, प्रधानमंत्री के विशेष सहायक ख्वाजा जहीर और संघीय कानून सचिव बैरिस्टर जफरूल्लाह के साथ मिलकर प्रधानमंत्री को मसौदा सौंपा।

शरीफ ने कानूनी टीम को दूसरे राजनीतिक दलों की राय लेने के लिए उनके साथ मसविदा साझा करने के निर्देश दिए। शरीफ ने बैठक में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हम कानूनी रूप से अपने सैनिकों की रक्षा करेंगे। प्रधानमंत्री ने साथ ही अल्पसंख्यकों के खिलाफ आतंकवाद या सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं को भी आतंकवाद के खिलाफ अपराधों की अनुसूची में शामिल करने के भी निर्देश दिए।