पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने शनिवार को बड़ा फैसला लिया है। शरीफ सरकार ने सरकारी और स्वायत्त संस्थानों के कर्मचारियों की तनख्वाह में 5 से 30% तक की कटौती कर दी है। यह फैसला प्रधानमंत्री शरीफ की अध्यक्षता में आयोजित हुई हाई लेवल की बैठक में लिया गया।

यह कदम अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को देखते हुए इस हफ्ते की शुरुआत में पैसे बचाने के लिए उठाए गए उपायों का एक हिस्सा है।

शरीफ के दफ्तर की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बैठक में ईंधन की कीमतों में आ रहे उतार-चढ़ाव के असर और खर्चों को कम करने के लिए सरकार के द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा भी की गई।

लोगों को राहत देने में होगा पैसे का इस्तेमाल

शहबाज शरीफ सरकार का कहना है कि इसके जरिए जो भी पैसा बचेगा उसका इस्तेमाल लोगों को राहत देने के लिए किया जाएगा।

खर्चों में कटौती करने की योजना के तहत शरीफ सरकार के मंत्रिमंडल के सदस्यों, मंत्रियों, सलाहकारों और विशेष सहायकों के अगले दो महीने की तनख्वाह का इस्तेमाल भी जनकल्याण के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही सरकारी अफसरों, मंत्रियों के विदेशी दौरों पर भी रोक जारी रहेगी।

इससे पता चलता है कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर पाकिस्तान पर पड़ रहा है क्योंकि पिछले शुक्रवार को पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो गई थी। उससे पहले पाकिस्तान की सरकार ने सरकारी वाहनों को मिलने वाले ईंधन में 50% की कमी की थी और सरकारी दफ्तरों में चार दिन का कामकाज होने का आदेश दिया था।

पाकिस्तान में वाणिज्य दूतावास बंद करेगा अमेरिका

अमेरिका पाकिस्तान में स्थित अपने वाणिज्य दूतावास को स्थायी रूप से बंद करेगा। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।