ताज़ा खबर
 

CAA पर पाकिस्तान की नापाक चाल आई सामने, पाक मूल के सांसद ने EU में पेश किया प्रस्ताव

इस बात की पूरी उम्मीद है कि सीएए के खिलाफ जो प्रस्ताव शफाक मोहम्मद ने यूरोपियन संसद में रखा है उसपर 29 जनवरी को चर्चा होगी।

शफाक मोहम्मद पाक अधिकृत कश्मीर के रहने वाले हैं। फोटो सोर्स – वीडियो स्क्रीनशॉट

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की नई चाल उजागर हो गई है। दरअसल यूरोपियन पार्लियामेंट में नागरिकता संशोधन कानून, 2019 के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया है। अब खुलासा हुआ है कि ईयू में इस प्रस्ताव को लाने के पीछे पाकिस्तान मूल के सांसद शफाक मोहम्मद का दिमाग है। पाकिस्तान मूल के सांसद शफाक मोहम्मद यूरोपियन संसद में सांसद हैं और उन्होंने ही इसका ड्राफ्ट तैयार किया था।

शफाक मोहम्मद मूल रूप से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मीरपुर के रहने वाले हैं। Sheffield City Council के काउंसलर रहते हुए शफाक मोहम्मद को साल 2015 में अपनी राजनीतिक सेवा के लिए मेंबर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एंपायर का खिताब दिया गया था। शफाक मोहम्मद साल 2019 से यूरोपियन संसद में सांसद हैं। यूरोपियन संसद में कुल 751 सांसद हैं। खबर है कि इनमें 154 सांसदों ने प्रस्ताव का समर्थन किया है। हालांकि, यूरोपियन पार्ल्यामेंट के प्रस्ताव यूरोपियन कमिशन के लिए बाध्याकारी नहीं होते हैं।

इस बात की पूरी उम्मीद है कि सीएए के खिलाफ जो प्रस्ताव शफाक मोहम्मद ने यूरोपियन संसद में रखा है उसपर 29 जनवरी को चर्चा होगी। इसपर 30 जनवरी को वोटिंग होगी। हालांकि यूरोपिय संसद में इस प्रस्ताव पर बहुमत मिलने की उम्मीद बहुत कम है। पाकिस्तानी मूल के यूरोपियन सांसद ने अपने प्रस्ताव में सीएए को भेदभाव करने वाला कानून बताया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि भारत अंतरराष्ट्रीय नियमों की अनदेखी कर रहा है और इससे लोगों के मानवाधिकार की समस्या खड़ी हो जाएगी।

भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच अगला सम्मेलन जल्द ही ब्रसल्स में होने वाला है। सीएए भारत में पिछले साल दिसंबर में लागू किया गया था जिसे लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। केंद्र सरकार का कहना है कि नया कानून किसी की नागरिकता नहीं छीनता है बल्कि इसे पड़ोसी देशों में उत्पीड़न का शिकार हुए अल्पसंख्यकों की रक्षा करने और उन्हें नागरिकता देने के लिए लाया गया है।

नए कानून में कहा गया है कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक प्रताड़ना का शिकार होकर आए ईसाई, हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध धर्म के लोगों को भारत की नागरिकता दी जाएगी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 अफगानिस्तान के गजनी प्रांत में हादसा, 83 यात्रियों को दिल्ली ला रहा विमान क्रैश
2 CAA के खिलाफ अमेरिका में प्रदर्शन: अमित शाह पर बैन लगाने की मांग, भारत की रैंकिंग गिराने की भी वकालत
3 बाइक चलाते हुए नहा रहे दो युवकों का वीडियो वायरल, पुलिस ने लगाया जुर्माना
ये पढ़ा क्या?
X