पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने हाल ही में लाहौर की कई सड़कों और गलियों के आजादी से पहले के नाम को बहाल करने की योजना को मंजूरी दी थी। हालांकि, अब सरकार ने विरोध के डर से सड़कों का नाम बदलने की योजना स्थगित कर दी है। पंजाब सरकार ने कुछ “चरमपंथी तत्वों” के दबाव में आकर, लाहौर की सड़कों और कई गलियों के मूल ऐतिहासिक नामों को बहाल करने की अपनी योजना को स्थगित कर दिया है।
एक अधिकारी ने मंगलवार को न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया कि इस योजना का उद्देश्य शहर की विभाजन-पूर्व विरासत को पुनर्जीवित करना था। सरकार ने हालांकि इस फैसले से पलटते हुए कहा है कि वह लाहौर की सड़कों और गलियों के मूल नाम बहाल करने पर अभी विचार कर रही है। लाहौर के उपायुक्त कैप्टन आर मोहम्मद अली एजाज ने सोमवार को डॉन समाचारपत्र को बताया, “अभी तक ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है।”
नवाज शरीफ और मरियम ने सड़कों के मूल नाम बहाल करने की मंजूरी दी थी
जब उनसे पूछा गया कि नवाज शरीफ और मरियम दोनों ने सड़कों और गलियों के मूल नामों को बहाल करने की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस संबंध में 20 मार्च को एक विज्ञप्ति जारी की थी तो एजाज ने जोर देकर कहा कि अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है क्योंकि मामला विचाराधीन है। एक आधिकारिक सूत्र ने हालांकि कहा कि व्लॉगर सहित कुछ चरमपंथी तत्वों ने लाहौर की सड़कों और गलियों के विभाजन-पूर्व हिंदू और सिख नामों को बहाल करने के लिए मरियम की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, “चूंकि आलोचकों ने सरकार के फैसले को धार्मिक रंग दे दिया इसलिए मरियम नवाज प्रशासन ने प्रतिक्रिया से बचने के लिए फैसले को टाल दिया है।”
लाहौर हेरिटेज एरिया रिवाइवल (LAHR) ने हाल ही में आयोजित अपनी बैठक में लाहौर और उसके आसपास के इलाकों में सड़कों और गलियों के मूल ऐतिहासिक नामों को बहाल करने की मंजूरी दी थी। इस बैठक की अध्यक्षता पीएमएल-एन के अध्यक्ष और तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने संयुक्त रूप से की थी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी कर मीडिया को इस फैसले की जानकारी दी। फरवरी 2024 के आम चुनावों के बाद से वर्तमान में राजनीति में सक्रियता नहीं दिखा रहे नवाज शरीफ एलएएचआर के प्रमुख हैं।
विरोध के डर से पीछे हटी पाकिस्तान सरकार
चरमपंथी तत्वों की प्रतिक्रिया के बाद, एलएचएआर ने हाल ही में विद्वानों, इतिहासकारों, वास्तुकारों, शहरी योजनाकारों और अन्य प्रमुख व्यक्तियों की एक बैठक आयोजित की और लाहौर भर की सड़कों, गलियों और इलाकों के मूल नामों को बहाल करने के प्रस्ताव पर उनके सुझाव मांगे। लाहौर की ऐतिहासिक गलियां और सड़कें जिनका नाम पिछली सरकारों द्वारा बदल दिया गया था उनमें क्वीन्स रोड, जेल रोड, डेविस रोड, लॉरेंस रोड, एम्प्रेस रोड, कृष्ण नगर, संत नगर, धरमपुरा, ब्रैंडरेथ रोड, राम गली, टेम्पबेल स्ट्रीट, लक्ष्मी चौक, जैन मंदिर रोड, कुम्हारपुरा, मोहन लाल बाजार, सुंदर दास रोड, भगवान पुरा, शांति नगर और आउटफॉल रोड शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
