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पाकिस्तानः बच गई इमरान सरकार, संसद में जीता विश्वास मत, पर बाहर समर्थकों की विपक्षियों से हाथापाई

पाकिस्तान के सीनेट चुनाव में अपने करीबी मंत्री के विपक्षी नेता से हारने के बाद इमरान खान सरकार पर उठे थे सवाल, इसी के बाद संसद में लाया गया था विश्वासमत परीक्षण कराने का प्रस्ताव।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र इस्लामाबाद | Updated: March 6, 2021 4:09 PM
Pakistan, Imran khan, Trust Voteपाकिस्तानी संसद में इमरान खान ने विश्वासमत हासिल किया। (फोटो- AFP)

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार को विपक्षी दलों के बहिष्कार के आह्वान के बीच नेशनल असेंबली (संसद) में विश्वासमत जीत लिया। हाल में करीबी मुकाबले वाले सीनेट चुनाव में वित्त मंत्री की हार के बाद उनकी सरकार पर संकट आ गया था। प्रधानमंत्री इमरान खान को संसद के 342 सदस्यीय निचले सदन में 178 वोट मिले और सामान्य बहुमत के लिए 172 वोट की जरूरत थी।

इमरान खान के विश्वास मत परीक्षण के फैसले की विपक्ष ने निंदा की। पीएमएल-एन के नेता शाहिद खक्कान अब्बासी, एहसान इकबाल समेत दर्जनों नेताओं ने संसद के बाहर ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इमरान के कदम को असंवैधानिक करार दिया। हालांकि, इस बीच संसद के बाहर इमरान खान के समर्थन में तख्तियां और बैनर लेकर खड़े पीटीआई कार्यकर्ताओं ने विपक्षी नेताओं पर हमला कर दिया। इस घटना के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें कुछ लोग हाथापाई करते दिखाई दे रहे हैं। पीएमएल-एन के नेताओं ने आरोप लगाया कि उनकी सुरक्षा के लिए कोई पुलिसबल भी मौजूद नहीं था।

इमरान ने ताकत दिखाने के लिए करवाया विश्वासमत परीक्षण: बताया गया है कि इमरान खान ने अपनी सरकार पर विश्वास जताने के लिए विश्वासमत प्रस्ताव लाने का आग्रह किया था। इसके बाद राष्ट्रपति आरिफ अल्वी के निर्देश पर संसद का विशेष सत्र बुलाया गया। विपक्ष ने इसमें हिस्सा नहीं लिया क्योंकि 11 दलों के गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) ने मतविभाजन का बहिष्कार किया था।

हारे थे इमरान की पार्टी के उम्मीदवार, इसके बाद खड़ा हुआ था संकट: पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट के उम्मीदवार और पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने बुधवार को सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के उम्मीदवार अब्दुल हाफिज शेख को करीबी मुकाबले में सीनेट चुनाव में हरा दिया था।

साथी सांसदों से आवास पर भी मिले थे इमरान: इमरान खान के लिए यह बड़ा झटका था, क्योंकि वित्त मंत्री अब्दुल हाफिज शेख के लिए उन्होंने निजी तौर पर प्रचार किया था। वित्त मंत्री की हार के बाद विपक्षी दलों ने खान के इस्तीफे की मांग की थी। विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सदन में एक-सूत्री प्रस्ताव रखा। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को अपने आवास पर सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं से मुलाकात की थी। उनसे सरकार के पक्ष में मतदान करने को कहा गया था। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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