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नवाज़ शरी़फ़ खोज रहे नया विदेश सचिव, तहमीना जांजुआ पहली पसंद

मौजूदा विदेश सचिव एजाज अहमद चौधरी अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत का पद संभालने के लिए अमेरिका रवाना हो चुके हैं।

Author इस्लामाबाद | Published on: January 25, 2017 3:53 PM
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ। (REUTERS/Faisal Mahmood/23 March, 2016)

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारी गोलबंदी के बीच नए विदेश सचिव की नियुक्ति के लिए विचार विमर्श की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मौजूदा विदेश सचिव एजाज अहमद चौधरी अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत का पद संभालने के लिए अमेरिका रवाना हो चुके हैं। समाचारपत्र डॉन ने लिखा है, ‘विदेश सचिव पद के लिए गहन प्रक्रिया शुरू हो गयी है क्योंकि अंतिम फैसले की घड़ी नजदीक आती जा रही है।’ चौधरी अमेरिका में निवर्तमान पाकिस्तानी राजदूत जलील अब्बास जिलानी की जगह लेंगे। शरीफ के पास चार संभावित उम्मीदवार हैं जिनमें से किसी एक को उन्हें विदेश सचिव पद के लिए चुनना है। इनमें भारत में पाकिस्तान के राजदूत अब्दुल बासित, फ्रांस में पूर्व पाकिस्तानी राजदूत गालिब इकबाल, ब्रिटेन में पाकिस्तान के उच्चायुक्त सैयद इब्न ए अब्बास और संयुक्त राष्ट्र के लिए जिनीवा में स्थायी प्रतिनिधि तहमीना जांजुआ शामिल हैं।

शरीफ ने हालांकि अभी तक अपनी भावी पसंद के बारे में कोई संकेत नहीं दिए हैं लेकिन विभिन्न सूत्रों का कहना है कि जांजुआ उनकी पहली पसंद हो सकती हैं। शरीफ का दो तिहाई कार्यकाल बीत चुका है लेकिन उन्होंने अभी तक किसी को पूर्णकालिक विदेश मंत्री नहीं बनाया है और एक सलाहकार तथा विशेष सहायक के साथ वे विदेश विभाग चला रहे हैं। सामान्य हालात में वरिष्ठता और योग्यता विदेश सचिव की नियुक्ति का पैमाना होती है लेकिन शरीफ जिस किसी को भी चुनेंगे उसमें वह अपनी निजी सहजता और उम्मीदवारों के बारे में मिलने वाली सिफारिश को प्रमुखता दे सकते हैं। पूर्व में एक इस पहलू पर भी विचार किया जाता रहा है कि भावी विदेश सचिव बीजिंग, वाशिंगटन या नयी दिल्ली में राजदूत के रूप में अपनी सेवाएं दे चुका हो।

चारों दावेदारों में बासित सबसे वरिष्ठ हैं और उन्हें द्विपक्षीय तथा बहुपक्षीय कूटनीति का लंबा अनुभव है। वर्ष 2013 में वह शरीफ की पहली पसंद थे जब प्रधानमंत्री ने विदेश सचिव चुना था और बासित को लिखित में कहा था कि नयी जिम्मेदारी संभालने के लिए वह बर्लिन से मुख्यालय लौट आएं। लेकिन शरीफ ने अपना मन बदल लिया और दिसंबर 2013 में चौधरी को यह जिम्मेदारी सौंपी। बासित को भारत में उच्चायुक्त बनाकर भेज दिया गया। बासित इस बार दौड़ से बाहर हैं। अगस्त 2014 में भारत पाकिस्तान विदेश सचिवों की प्रस्तावित बैठक से पूर्व बासित ने कश्मीरी नेताओं की मेजबानी की जिसके बाद दोनों के बीच मतभेद पैदा हो गए और इसके चलते द्विपक्षीय वार्ता रद्द कर दी गयी।

फ्रांस में पूर्व राजदूत गालिब इकबाल भी एक अन्य प्रबल दावेदार हैं। पूर्व नौसेना अधिकारी और इंजीनियरिंग ग्रेजुएट इकबाल 1983 में विदेश सेवा में आए थे। ब्रिटेन में पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्बास भी 1983 में विदेश सेवा में शामिल हुए थे। लंदन में अपनी नियुक्ति से पूर्व अब्बास मुख्यालय में प्रशासन विभाग के अतिरिक्त सचिव थे। वह न्यूजीलैंड में उच्चायुक्त और भारत में उप उच्चायुक्त रह चुके हैं। जीनिवा में संयुक्त राष्ट्र की स्थायी प्रतिनिधि जांजुआ सर्वाधिक पसंद मानी जा रही हैं। वह 1984 में विदेश सेवा में आयी थीं और बहुपक्षीय कूटनीति का उन्हें विशेष अनुभव है। उनकी द्विपक्षीय नियुक्ति केवल रोम में राजदूत के रूप में रही है।

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