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पाकिस्तानः इमरान सरकार ने नवाज के भाई को डाला नो फ्लाई लिस्ट में, हाईकोर्ट ने दी थी विदेश जाने की अनुमति

पाकिस्तान की गृह मंत्रालय की एक विशेष समिति ने 12 मई को कैबिनेट को प्रस्ताव दिया था कि भ्रष्टाचार के मामलों के कारण शाहबाज शरीफ को देश छोड़ने से रोका जाना चाहिए।

पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख रशीद अहमद ने कहा कि शाहबाज शरीफ का नाम कैबिनेट की मंजूरी के बाद निकास नियंत्रण सूची (ईसीएल) में शामिल कर दिया गया था। (फोटो – ट्विटर/CMShehbaz)

पड़ोसी देश पाकिस्तान में मौजूदा प्रधानमंत्री इमरान खान ने संसद में विपक्ष के नेता शाहबाज शरीफ को नो फ्लाई लिस्ट में डाल दिया है। इस लिस्ट में डाले जाने के बाद शाहबाज शरीफ अपने इलाज के लिए बाहर नहीं जा पाएंगे। हालांकि थोड़े दिनों पहले लाहौर उच्च न्यायालय ने शाहबाज शरीफ को इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति दी थी। बता दें कि शाहबाज शरीफ पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई हैं और पाकिस्तान की मुख्य विपक्षी पार्टी पीएमएल- एन के नेता है।

सोमवार को एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए गृह मंत्री शेख रशीद अहमद ने कहा कि शाहबाज का नाम कैबिनेट की मंजूरी के बाद निकास नियंत्रण सूची (ईसीएल) में शामिल कर दिया गया था। गृह मंत्री ने कहा कि शहबाज़ ने विदेश यात्रा के लिए कोई मेडिकल दस्तावेज जमा नहीं कराए हैं और न ही अपनी बीमारी के इलाज के बारे में बताया था। साथ ही उन्होंने कहा कि शाहबाज शरीफ ने अपने भाई नवाज शरीफ को जमानत दिलवाई हैऔर वह उन्हें पाकिस्तान लाने के बदले वह खुद भी पाकिस्तान से भागना चाहते थे।

गृह मंत्रालय की एक विशेष समिति ने 12 मई को कैबिनेट को प्रस्ताव दिया था कि भ्रष्टाचार के मामलों के कारण शाहबाज को देश छोड़ने से रोका जाना चाहिए। पिछले महीने जेल से छूटने के बाद शहबाज़ मेडिकल जांच के लिए लंदन जाना चाहते थे। हालांकि पिछले दिनों शाहबाज शरीफ ने इस मामले को लेकर लाहौर की अदालत में मुकदमा दर्ज किया था और उन्हें विदेश जाने की अनुमति भी मिल गई थी। जिसके बाद वे 8 मई को लंदन जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे लेकिन अधिकारियों ने उन्हें एयरपोर्ट पर ही रोक दिया था। 

सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान गृहमंत्री शेख रशीद अहमद ने कहा कि गृह मंत्रालय ने कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि शाहबाज के पास इस मामले में अपनी शिकायत दर्ज करने के लिए के लिए 15 दिन का समय है। हालांकि ईसीएल लिस्ट में शामिल होने पर विपक्षी के नेता शाहबाज शरीफ ने कहा है कि मैं कैंसर रोगी हूं और मैंने न्यूयॉर्क और लंदन में इलाज कराया है। मैं सात महीने से अधिक समय तक उपचार नहीं करा सका क्योंकि मैं जेल में था। साथ ही उन्होंने कहा कि जेल में की गई जांच रिपोर्ट के आधार तत्काल उपचार की जरूरत है।

इसी मामले को लेकर सोमवार को शाहबाज शरीफ ने एयरपोर्ट पर उन्हें लंदन जाने से रोकने वाले अधिकारियों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा लाहौर उच्च न्यायालय में दर्ज किया गया है। लाहौर उच्च न्यायालय को दिए शिकायत में शाहबाज शरीफ की तरफ से कहा गया है कि कुछ सरकारी विभाग और उनके अधिकारी कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर राजनीतिक नेताओं को परेशान कर रहे हैं। इसलिए ऐसे अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लिया जाए।

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