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अमेरिका के आगे फिर पाकिस्‍तान ने फैलाए हाथ, कुछ दिन पहले ही कहा था- नहीं चाहिए उसका पैसा

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फटकार और आर्थिक मदद रोके जाने पर पाकिस्तान ने कहा था कि उसे अमेरिकी मदद नहीं चाहिए। पाकिस्तान अमेरिकी तानाशाही नहीं सहेगा।

Author नई दिल्ली | February 9, 2018 6:28 PM
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ। (फाइल फोटो)

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी फटकार के बाद आर्थिक मदद न लेने की बात करने वाले पाकिस्तान ने फिर से अमेरिका के आगे हाथ फैलाया है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से लगती सीमा पर बाड़ लगाने के लिए अमेरिका से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। विदेश मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने कहा कि वित्तीय दिक्कतों के चलते अफगानिस्तान से लगती 2,343 किलोमीटर लंबी सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा नहीं हो पा रहा है। अभी तक सिर्फ 10 फीसद क्षेत्र में ही बाड़ लगाए जा सके हैं। उन्होंने वर्ष 2019 के अंत तक इस काम को पूरा करने की जरूरत पर जोर दिया है। आसिफ ने कहा कि अमेरिका को इसके लिए ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ेगा, बल्कि युद्ध में इससे ज्यादा खर्च हो जाएगा। पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पहाड़ियों से घिरी है। इसलिए इस क्षेत्र में बाड़ लगाने का काम काफी मुश्किल है। विदेश मंत्री ने बताया कि सीमाई इलाका सभी के लिए खुला है। इसके जरिये प्रतिदिन 70,000 लोग आते-जाते हैं, ऐसे में आतंकियों का खतरा हमेशा बना रहता है। आसिफ ने इसके अलावा अफगान शरणार्थियों को वापस भेजने में भी मदद की गुहार लगाई है। उनके मुताबिक, पाकिस्तान में 20 लाख से ज्यादा अफगान शरणार्थी हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आतंकवादियों पर माकूल कार्रवाई नहीं करने को लेकर पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई थी। साथ ही 255 मिलियन डॉलर (16.42 अरब रुपये) की आर्थिक सहायता पर रोक लगा दी थी। पिछले महीने अमेरिका ने तकरीबन 2 अरब डॉलर (128 अरब रुपये) की सैन्य सहायता को भी निलंबित कर दिया था। पाकिस्तान ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था कि उसे अमेरिकी मदद की जरूरत नहीं है। आसिफ ने कहा था कि अमेरिका अफगानिस्तान की लड़ाई के लिए पाकिस्तान के संसाधनों का इस्तेमाल करता है और उसी की कीमत चुकाता है। उन्होंने यहां तक कहा कि ट्रंप के ‘नो मोर’ का कोई महत्व नहीं है और पाकिस्तान इस तानाशाही को नहीं सहेगा। डोनाल्ड ट्रंप ने नए साल के मौके पर ट्वीट किया था, ‘अमेरिका ने मूर्खतापूर्ण तरीके से बीते 15 सालों में पाकिस्तान को 33 अरब डॉलर की सहायता दी है, लेकिन बदले में हमें झूठ और छल के अलावा कुछ भी नहीं मिला। हमारे नेताओं को मूर्ख समझा गया। वे (पाकिस्तान) आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह देते रहे और हम अफगानिस्तान में खाक छानते रहे। अब और नहीं।’ अब आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका के साथ आई तल्खी को कम करने की कोशिश कर रहा है।

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