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पाकिस्तान को उरी हमले से ‘कोई लाभ नहीं’: नफीस ज़कारिया

जकारिया ने कहा कि उरी घटना के बाद भारत की ओर से किसी भी हमले की दशा में पूरा देश अपनी रक्षा करने को तैयार है।

Author इस्लामाबाद | September 22, 2016 9:38 PM
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया। (एएनआई फाइल फोटो)

पाकिस्तान ने कश्मीर के उरी नगर में सेना के एक शिविर पर हुए हमले में अपनी संलिप्तता से गुरुवार (22 सितंबर) को यह कहते हुए इनकार किया कि इस हमले से उसे ‘कोई लाभ नहीं होगा।’ हमले में भारतीय सेना के कम से कम 18 सैनिक शहीद हो गए थे। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने यहां साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ऐसी घटनाएं कश्मीर से ‘विश्व समुदाय का ध्यान बंटाने का भारतीय प्रयास हैं।’ उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान को इस हमले से कोई लाभ नहीं होगा, भारत में ऐसी किसी भी घटना के बाद पाकिस्तान पर आरोप लगाना भारत की आदत बन गई है।’

भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि उरी हमले में पाकिस्तानी आतंकवादियों की संलिप्तता दिखाने वाले सबूत उसके पास हैं। भारत ने मांग की है कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकवाद का समर्थन एवं प्रयोजित करना बंद करे। जकारिया ने कहा कि उरी घटना के बाद भारत की ओर से किसी भी हमले की दशा में पूरा देश अपनी रक्षा करने को तैयार है। पाकिस्तान के उत्तरी हिस्से में हवाईक्षेत्र में पाबंदियों के सवाल पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी वायुसेना नियमित अभ्यास कर रही है जो कि वर्तमान सुरक्षा स्थिति से जुड़ा हुआ नहीं है।

जकारिया ने दावा किया कि पाकिस्तान के पास ‘बलूचिस्तान और कराची सहित विभिन्न क्षेत्रों में आतंकवाद को भारत की ओर से प्रायोजित करने का ठोस सबूत है जो कि रॉ एजेंट कुलभूषण यादव की गिरफ्तारी एवं स्वीकारोक्ति से साबित हो गया है।’ उन्होंने कहा, ‘भारत के प्रधानमंत्री का हाल का बयान पाकिस्तान में आतंकवाद और आतंक के वित्तपोषण में भारत की संलिप्तता का एक और सबूत है जिसका उद्देश्य देश को अस्थिर करना है।’

प्रवक्ता ने कहा कि बलूच नेता ब्रह्मदाग बुगती का भारत में शरण के लिए अनुरोध ‘इसकी पुष्टि ही करता है कि भारत बलूचिस्तान में आतंकवाद में गहरायी से लिप्त है।’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक शांतिप्रिय देश है और शांतिपूर्ण पड़ोस प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की दृष्टि है जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र से कश्मीर पर अपने प्रस्ताव लागू करने की मांग की है। जकारिया ने आरोप लगाया कि भारत के सुरक्षा बल कश्मीर में ‘ज्यादतियों’ में लिप्त हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हिंसा रोकने के लिए कदम उठाने के लिए कहा।

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