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पाकिस्‍तान के खिलाफ पीओके के लोगों ने किया प्रदर्शन, कहा- आईएसआई अत्‍याचार कर रही है

प्रदर्शनकारियों ने पोस्‍टर-बैनर लेकर प्रदर्शन किया। उन्‍होंने आरोप लगाए कि पीओके में सामाजिक स्‍वतंत्रता और मूलभूत अधिकारों जैसी कोई चीज नहीं है।

पाकिस्‍तान की राजधानी इस्‍लामाबाद में रविवार (5 फरवरी) को पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर(पीओके) के लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया। (Photo:ANI)

पाकिस्‍तान की राजधानी इस्‍लामाबाद में रविवार (5 फरवरी) को पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर(पीओके) के लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने दावा किया कि पाकिस्‍तान सरकार आईएसआई और सरकार के जरिए मासूम जनता पर अत्याचार कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने पोस्‍टर-बैनर लेकर प्रदर्शन किया। उन्‍होंने आरोप लगाए कि पीओके में सामाजिक स्‍वतंत्रता और मूलभूत अधिकारों जैसी कोई चीज नहीं है। सारे निर्णय आईएसआई ले रही है। जो लोग पाकिस्‍तानी प्रशासन से सहमत नहीं हैं उन्‍हें प्रताडि़त किया जा रहा है। अधिकारी लोगों की आवाज दबा रहे हैं और बोलने की आजादी के अधिकार का हनन कर रहे हैं। पत्रकार, ब्‍लॉगर, सामाजिक कार्यकर्ता सभी को निशाना बनाया जा रहा है। पीओके में कई सप्‍ताह से पाकिस्‍तान विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं।

गिलगित बाल्‍टीस्‍तान क्षेत्र में भी पाकिस्‍तान के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। वहां के लोग भी अत्‍याचारों के विरोध में आवाज बुलंद कर रहे हैं। बलूचिस्‍तान में तो लंबे समय से इस तरह की आवाजें आ रही हैं। दुनियाभर में बलूच लोग पाकिस्‍तान के अन्याय की दास्‍तां बयां कर रहे है। बलूच नेताओं ने इस संबंध में भारत से भी मदद मांगी है। पिछले साल इस मामले में काफी विरोध-प्रदर्शन हुए थे। हालांकि पाकिस्‍तान इन सबसे इनकार करता रहा है। लेकिन बलूचिस्‍तान से आने वाली रिपोर्ट में सामने आया है कि वहां मानवाधिकारों का उल्‍लंघन किया जा रहा है। सेना और पुलिस स्‍थानीय लोगों पर बर्बर कार्रवाई करते हैं।

इसी बीच, कश्‍मीर दिवस पर पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि कश्‍मीर विवाद संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में सबसे पुराना मसला है। उन्‍होंने कहा कि जब तक कश्‍मीर मसले का हल नहीं निकलेगा तब तक क्षेत्र में शांति नहीं आ सकती। वहीं पाकिस्तानी सेना ने ‘कश्मीर दिवस’ के कुछ घंटे पहले कश्मीर के लोगों के साथ एकजुटता दिखाने के लिएएक वीडियो गीत जारी किया। पाकिस्‍तान में हर साल पांच फरवरी को ‘कश्मीर दिवस’ मनाया जाता है। ‘संगबाज (पत्थर फेंकने वाले)’ नाम के इस गीत में भारत से कश्मीर को छोड़ देने का आग्रह किया गया है। वीडियो को देखकर ऐसा लगता है कि गीत को फिल्माने के लिए कश्मीर के वास्तविक दृश्यों का इस्तेमाल किया गया है।

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