आर्थिक संकट, बढ़ते कर्ज और युवाओं में बढ़ते असंतोष के बीच पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी का एक बयान चर्चा में है। नकवी ने देश की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर नाराज युवा एकजुट हो गए तो वे ‘सब कुछ पलट सकते हैं।’ इस दौरान उन्होंने भारत के चर्चित ‘कॉकरोच’ आंदोलन का जिक्र करते हुए युवाओं के लिए ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल किया। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान गंभीर आर्थिक चुनौतियों, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और विदेशी कर्ज के दबाव से जूझ रहा है।
आर्थिक संकट पर सरकार को घेरा
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहसिन नकवी ने कहा कि पाकिस्तान जिस व्यवस्था में रह रहा है, वह अब काम नहीं कर रही है। उन्होंने कहा, “आप इसे मानें या न मानें, लेकिन जिस सिस्टम में हम रह रहे हैं, वह ढह चुका है। पिछले 70 वर्षों से हम इसी व्यवस्था को किसी तरह खींचते आ रहे हैं।”
नकवी ने पाकिस्तान की बिगड़ती आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हर साल देश का कर्ज बढ़ता जा रहा है और सरकार केवल नया कर्ज लेने की बात करती है, जबकि असली जरूरत इस समस्या का समाधान करने की है।
युवाओं के गुस्से पर जताई चिंता
अपने संबोधन में गृह मंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं की अपेक्षाओं को पूरा करने में असफल रही है। उन्होंने कहा, “हम अपने युवाओं को वह नहीं दे पा रहे जो वे चाहते हैं। आप उन्हें युवा कहें या कॉकरोच या कुछ भी कहें, लेकिन अगर ये कॉकरोच एकजुट हो गए तो सब कुछ पलट सकते हैं।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और पाकिस्तान में भी इस पर बहस छिड़ गई।
भारत के ‘कॉकरोच’ आंदोलन का किया जिक्र
नकवी का ‘कॉकरोच’ वाला संदर्भ भारत में परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ हुए छात्र आंदोलनों से जोड़कर देखा जा रहा है। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नामक युवा-नेतृत्व वाले व्यंग्यात्मक राजनीतिक और नागरिक भागीदारी मंच ने किया था।
इन आंदोलनों के दौरान परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर बड़े स्तर पर प्रदर्शन हुए। बाद में संसद ने ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026’ भी पारित किया। आंदोलन को उस समय और अधिक चर्चा मिली जब शिक्षा सुधार के पक्षधर और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी।
पाकिस्तान में भी दिखा समर्थन
रिपोर्टों के अनुसार, भारत के छात्र आंदोलन को लेकर पाकिस्तान के कुछ युवाओं ने भी सोशल मीडिया पर समर्थन जताया था। इस पर भारत सरकार की प्रतिक्रिया भी सामने आई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि पाकिस्तान को भारत के छात्र आंदोलनों पर टिप्पणी करने के बजाय सीमा पार प्रायोजित आतंकवाद खत्म करने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा, “भारत के लोग, जिनमें जेन-जी भी शामिल हैं, लंबे समय से पाकिस्तान से स्टेट स्पॉन्सर्ड सीमा पार आतंकवाद समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि वहां के युवा भी इस बात पर ध्यान देंगे।”
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सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में पीएम मोदी ने कहा कि संसद ने एक ऐसा बिल पास किया है जो हमारी परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
