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भारत को शक- मिलने के बहाने कुलभूषण जाधव की पत्नी को बंधक बना सकता है पाकिस्तान

भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव की पत्नी को पाकिस्तान भेजने की पेशकश पर भारत सरकार फूंक-फूंक कर कदम उठा रही है

Author नई दिल्ली | November 26, 2017 9:16 AM
भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव (File Photo)

दीपक रस्तोगी

भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव की पत्नी को पाकिस्तान भेजने की पेशकश पर भारत सरकार फूंक-फूंक कर कदम उठा रही है। वीजा जारी होने और जाने की तिथि तय नहीं हुई है, लेकिन विदेश मंत्रालय ने जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लॉबिंग शुरू की है। विदेश मंत्रालय के लंदन, पेरिस और हेग स्थित दफ्तरों में इन दिनों सक्रियता बढ़ी हुई है। यह लॉबिंग पत्नी और मां की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय अदालत में पाकिस्तान में जासूसी के आरोप में मौत के सजायाफ्ता मुजरिम जाधव के मुकदमे को लेकर भी है। भारतीय अधिकारी एक दर्जन यूरोपीय देशों को साथ लेने की राजनयिक कवायद में जुटे हैं। इसके लिए संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों की अगुवाई में टीमें भेजी गई हैं।

इस सतर्कता की पर्याप्त वजह बताई जा रही है। भारतीय अधिकारियों ने यह जानकारी जुटाई है कि जाधव के खिलाफ पाकिस्तान की सैन्य अदालत में जो जांच फाइल दायर की गई है, उसमें उनकी पत्नी का भी जिक्र है। ईरान में जाधव के साथ उनकी पत्नी भी रहती थी। पाकिस्तानी एजंसियों ने जाधव को रॉ का जासूस बताते हुए उनके खिलाफ जो आरोप-पत्र तैयार किया है, उसमें यह ब्योरा भी है कि जाधव के ईरान स्थित दफ्तर में उनकी पत्नी की भूमिका और गतिविधियां क्या थीं। विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव स्तर के एक अधिकारी के अनुसार भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों को अब तक जाधव से मिलने की इजाजत नहीं मिली है।  राजनयिक पहुंच की मांग अब ठुकराई गई है। यहां तक कि जाधव मामले की फाइल तक भारत को नहीं सौंपी गई है। ऐसे में जाधव को पत्नी से मिलने की इजाजत देने पर शक हो रहा है। भारतीय अधिकारियों के अनुसार, अगर जाधव की पत्नी को भी किसी बहाने बंधक बना लिया गया तो बेहद असहज स्थिति उत्पन्न हो जाएगी।

ऐसे में विदेश मंत्रालय के अधिकारी यह मानकर चल रहे हैं कि जाधव की पत्नी को वीजा की पेशकश सीधी-सरल नहीं है। पाकिस्तान ने उनकी पत्नी को मानवीय आधार पर वीजा देने की पेशकश की, जबकि उनकी मां का वीजा आवेदन लंबित है। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को यही बात खटक रही है। यह भांपने की कोशिश की जा रही है कि पाकिस्तान की कोई चाल तो नहीं। भारतीय विदेश मंत्रालय को शक है कि पाकिस्तान में पूछताछ के बहाने उन्हें रोक लिया जाएगा और उत्पीड़ित किया जा सकता है। इस आशंका के मद्देनजर ही भारत ने जाधव की पत्नी के साथ उनकी मां को भी वीजा दिए जाने की मांग की और कहा कि दोनों के साथ भारतीय उच्चायोग का अधिकारी 24 घंटे मौजूद रहेगा।

इस बीच, जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय अदालत (आइसीजे) में सुनवाई की तारीख भी नजदीक आ रही है। ऐसे में उनकी पत्नी और मां को वीजा के मामले के साथ ही अदालती कार्रवाई के लिए भी यूरोपीय देशों में भारतीय राजनयिकों ने लॉबिंग शुरू की है। मौत की सजा के खिलाफ भारत ने आइसीजे का दरवाजा खटखटाया है। विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव स्तर के कई अधिकारी एक दर्जन से ज्यादा यूरोपीय देशों में भेजे गए हैं। विदेश मंत्रालय के लंदन, पेरिस और हेग स्थित दफ्तरों में इन दिनों सक्रियता बढ़ी हुई है। ब्रिटिश और यूरोपीय सांसदों एवं राजनयिकों को जाधव मामले में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।

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