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कश्मीर में मारे आतंकियों पर पाकिस्तान ने जारी किए डाक टिकट, बताया आजादी का सिपाही

ये टिकटें कराची में 'फिलेटी ब्यूरो' द्वारा 'कश्मीर शहीद दिवस' पर जारी की गईं। इन टिकटों पर पिछले कुछ सालों में कश्मीर घाटी में मारे गए आतंकियों की तस्वीरें हैं। ये डाक टिकटें ई-बे पर 6.99 डॉलर (करीब 500 रुपए) में बेची जा रही हैं।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

पाकिस्तान ने हाल के दिनों में 20 डाक टिकट जारी किए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार आतंकवाद के खात्मे का समर्थन करने वाले पाकिस्तान ने जिन लोगों के स्मरण में ये डाक टिकट जारी किए हैं उनमें कुछ आतंकी हैं और कुछ कथित तौर पर ‘कश्मीर में भारतीय सैनिकों द्वारा अत्याचार के शिकार’ हैं। डाक टिकट पर इन लोगों की तस्वीरें भी लगाई गई हैं। मामले में पाकिस्तान सरकार में एक सीनियर अधिकारी ने एक समाचार पत्र को बताया कि ये टिकटें कराची स्थित मुख्यालय से 24 जुलाई को जारी की गईं। इसका उद्देश्य कश्मीरियों के साथ पाकिस्तान की एकजुटता दिखाना था, जो भारतीय उत्पीड़न के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके अलावा कश्मीर में रहने वाले लोगों की दुर्दशा को स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाइलाइट करने के लिए ये डाक टिकट जारी किए गए।

खास बात है कि तस्वीरों के साथ जारी की गईं टिकटों को एक खास शीर्षक भी दिया गया है। जैसे- रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल, पैलेट गन का इस्तेमाल, सामूहिक कब्रें, कटी हुई चोटी, बुरहान वानी (1994-2016) फ्रीडम आइकन। बुरहान वानी और उसके दो साथियों को भारतीय सुरक्षाकर्मियों ने आठ जुलाई, 2016 को अनंतनाग जिले में हुई मुठभेड़ में मारा गिराया था। बीस डाक टिकटों की ये सीरीज ऑनलाइन वेबसाइट ई-बे के अलावा अन्य साइटों पर बेची जा रही है। जानकारी के मुताबिक ये टिकटें कराची में ‘फिलेटी ब्यूरो’ द्वारा ‘कश्मीर शहीद दिवस’ पर जारी की गईं। इन टिकटों पर पिछले कुछ सालों में कश्मीर घाटी में मारे गए आतंकियों की तस्वीरें हैं। ये डाक टिकटें ई-बे पर 6.99 डॉलर (करीब 500 रुपए) में बेची जा रही हैं।

मामले में जगननाथ मणि ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि इन डाक टिकटों का इस्तेमाल वैश्विक स्तर पर लोगों को गुमराह करने के लिए किया जा रहा है। जगननाथ मणि फिलेटी कांग्रेस ऑफ इंडिया के सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इसपर आपत्ति जतानी चाहिए और पाकिस्तान सरकार को इन टिकटों को तुरंत वापस लेना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि वो लिखित में विदेश मंत्रालय को इसकी सूचना देंगे और मामले में आपत्ति दर्ज कराएंगे।

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