पाकिस्तान के पूर्व सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान की मध्यस्थता को लेकर बड़ी बात कही है। जब मीडिया ने फवाद चौधरी से पूछा कि इस्लामाबाद में US-ईरान मध्यस्थता वार्ता का नेतृत्व कौन कर रहा है- आसिम मुनीर या शहबाज़ शरीफ़?

इस सवाल के जवाब में फवाद चौधरी ने कहा कि सच कहूं तो, इस बारे में कोई दो राय नहीं है। अभी पाकिस्तान का नेतृत्व जनरल आसिम मुनीर कर रहे हैं। वह पाकिस्तान के असल नेता हैं। अभी फैसले लेने का अधिकार फ़ील्ड मार्शल या CDF के पास है। कल भी, राष्ट्रपति ट्रंप ने असल में जनरल आसिम मुनीर को ही पाकिस्तान का नेता बताया था, और उन्होंने शहबाज़ शरीफ के बारे में बात करने की जहमत भी नहीं उठाई।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ की नाकेबंदी का पाकिस्तान पर पड़ने वाले असर के बारे में फवाद चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान पर इसका आर्थिक असर जाहिर तौर पर कहीं ज़्यादा है, क्योंकि हमारे विदेशी मुद्रा भंडार पर इतना दबाव है कि हम इतनी महंगी चीजें आयात नहीं कर सकते। तेल और गैस की कीमतें सचमुच बहुत बढ़ गई हैं। पाकिस्तान के लोग, खासकर मध्यम वर्ग, पहले से ही इसकी मार झेल रहे हैं। असल में, हालात बहुत मुश्किल होते जा रहे हैं।

वहीं, इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से कहा गया है कि उनकी सेना ईरान का हर एक पुल और पावर प्लांट एक घंटे में बर्बाद कर सकती है।

एक अन्य बयान में उन्होंने होर्मुज जलमार्ग को लेकर चीन पर तंज भी कसा है। चीन ईरान का सबसे बड़ा तेल खरीदार है और इस समय अमेरिका की नौसेना ने होर्मुज जलमार्ग की नाकेबंदी की हुई है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि चीन और अमेरिका मिलकर काम कर रहे हैं। चीन खुश है कि वो होर्मुज जलमार्ग खोल रहे हैं।

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ” चीन खुश है कि मैं हमेशा के लिए होर्मुज जलमार्ग खोल रहा हूं। मैं यह उनके लिए कर रहा हूं और बाकी दुनिया के ललिए भी। अब ऐसी स्थिति कभी नहीं आएगी। वो ईरान हथियार न भेजने के लिए राजी हो गए हैं।”

अमेरिकी के एक सीनियर अधिकारी ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि अमेरिका ने ईरान के साथ अपने संघर्ष-विराम को बढ़ाने पर औपचारिक रूप से सहमति नहीं दी है। अमेरिकी अधिकारी ने कहा, “किसी समझौते तक पहुंचने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत लगातार जारी है।”

ईरान की सरकारी मीडिया की तरफ से भी कहा गया है कि सीजफायर विस्तार को लेकर आ रही खबरों की पुष्टि नहीं की जा सकी है। आपको बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते के सीजफायर की समयसीमा 22 अप्रैल को खत्म हो रही है।

चीन की जासूसी सैटेलाइट से ईरान ने साधे अमेरिकी ठिकाने, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक बड़ा खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने साल 2024 के आखिर में चीन से एक जासूसी सैटेलाइट हासिल किया था, जिसकी मदद से उसने अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। पढ़ें पूरी खबर।