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पाकिस्तान के गृहमंत्री ने माना, ‘कश्मीर पर दुनिया हमें नहीं सुन रही, लोगों का हम पर नहीं विश्वास’

पाकिस्तानी न्यूज चैनल से बातचीत में इजाज शाह ने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय समुदाय में...लोग हमारे पर विश्वास नही करते। लोग सोचते हैं कि हम एक गंभीर देश नहीं हैं।

Author नई दिल्ली | Updated: September 12, 2019 11:51 AM
टीवी कार्यक्रम में बातचीत के दौरान पाकिस्तान के गृहमंत्री इजाज शाह (बाएं)। (फोटोः एएनआई)

कश्मीर के मसले पर दुनियाभर में पाकिस्तान की नाकामी का बात अब वहां की सरकार के नेता भी मान रहे हैं। पाकिस्तान के गृहमंत्री ब्रिगेडियर इजाज शाह ने कश्मीर में मुद्दे पर पाकिस्तान की असफलता को कबूल किया है। एक टीवी शो में बातचीत के दौरान इजाज शाह ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर के मामले में अंतरराष्ट्रीय समुदाय का समर्थन जुटाने में असफल रहा है।

पाकिस्तानी मंत्री ने इसके लिए अपने देश के प्रधानमंत्री और उनकी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। इजाज शाह ने कहा कि इमरान खान ने दुनिया के सामने देश की छवि को बर्बाद कर दिया। पाकिस्तानी न्यूज चैनल से बातचीत में शाह ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय समुदाय में…लोग हमारे पर विश्वास नही करते। हम कहते हैं कि उन्होंने (भारत) ने जम्मू और कश्मीर में कर्फ्यू लगा रखा है और लोगों को दवाएं नहीं मिल रही हैं। ऐसे में लोग हमारे पर नहीं बल्कि उनपर (भारत) विश्वास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सत्ताधारी लोगों ने हमारे देश को बर्बाद कर दिया। इन सत्ताधारी कुलीन लोगों ने हमारा नाम खराब कर दिया। लोग सोचते हैं कि हम एक गंभीर देश नहीं हैं।’ जब इजाज शाह से पूछा गया कि सत्ताधारी कुलीन से उनका आशय किन नामों से है। इस पर उन्होंने कहा कि इसमें सभी पूर्व हुक्मरान शामिल हैं। खुफिया विभाग के पूर्व प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान को अब आत्ममंथन करना चाहिए।

इजाज शाह की यह टिप्पणी संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद् के जिनेवा सत्र में विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के बयान के एक दिन बाद आई है। कुरैशी ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद् में कहा था कि भारत ने अनुच्छेद 370 को खत्म कर वहां के लोगों को पिंजरे में कैद कर दिया है। वहां मानवाधिकारों को कुचला जा रहा है।

भारत ने कुरैशी के इस बयान पर आपत्ति जताते हुए उसके सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। भारत ने पाकिस्तान को आतंक का केंद्र व आतंकवादियों को प्रश्रय देने और सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला बताया था। अमेरिका, रूस और फ्रांस समेत दुनिया के कई अन्य देशों ने भारत के कदम की सराहना की और इसे उसका आंतरिक मामला बताया था। इससे पाकिस्तान को इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर कश्मीर मुद्दे को लेकर एक बार फिर मुंह की खानी पड़ी थी।

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