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पाकिस्तान: चुनाव लड़ रहे इस्लामिक नेता का ऐलान, एटम बम मिला तो मिटा देगा इस देश का नामोनिशान

पाकिस्तान के कट्टरपंथी नेता खादिम हुसैन रिजवी ने एटम बम हाथ लगने पर हॉलैंड को पृथ्वी से ही मिटा देने की बात कही है। हॉलैंड के इस्लाम विरोधी नेता माने जाने वाले गीर्ट विल्डर्स ने जून में पैगंबर मोहम्मद साहब पर आधारित कार्टून प्रतियोगिता कराने की घोषणा की थी। रिजवी ने डच नेता की घोषणा पर यह प्रतिक्रिया दी है।

पाकिस्तान के कट्टरपंथी नेता खादिम हुसैन रिजवी। (फोटो सोर्स: खादिम हुसैन रिजवी के टि्वटर अकाउंट से)

पाकिस्तान में इसी महीने आम चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में पाकिस्तानी नेताओं की ओर से आक्रामक बयानों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। आगामी आम चुनाव में 152 प्रत्याशियों को मैदान में उतारने वाली इस्लामिक पार्टी टीएलपी के प्रमुख खादिम हुसैन रिजवी ने हॉलैंड के एक इस्लाम विरोधी नेता की घोषणा पर बेहद तल्ख टिप्पणी की है। दरअसल, हॉलैंड की फ्रीडम पार्टी ऑफ डच के नेता गीर्ट विल्डर्स ने जून में पैगबंर मोहम्मद साहब पर कार्टून प्रतियोगित आयोजित करने की बात कही थी। रिजवी ने उस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि उनके हाथ एटम बम (परमाणु बम) लग जाए तो वह उसे हॉलैंड पर पटक कर इस पृथ्वी से उसका नामोनिशान मिटा देंगे। रिजवी ने कहा, ‘यदि मुझे एटम बम दे दिया जाए तो मैं कार्टून प्रतियोगिता आयोजित करने से पहले ही हॉलैंड का नामोनिशान मिटा दूंगा।’ ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ ने पाकिस्तानी टीवी चैनल समां टीवी के हवाले से यह खबर दी है। बता दें कि वर्ष 2005 में पैगंबर मोहम्मद साहब के कार्टून को लेकर दुनिया के कई हिस्सों में विराध प्रदर्शन किया गया था। डेनमार्क के एक समाचारपत्र ने 30 सितंबर, 2005 को 12 कार्टून प्रकाशित किए थे। इनमें से अधिकांश पैगंबर मोहम्मद साहब के थे। इसको लेकर भारी विरोध प्रदर्शन हुआ था। खासकर मुस्लिम बहुल देशों में प्रदर्शन ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया था।

रूढ़ीवादी तबके के बीच कट्टरपंथी नेता रिजवी की जबर्दश्त पैठ मानी जाती है। रिजवी ने पिछले साल नवंबर में इसका नमूना भी पेश किया था। सरकार द्वारा बेहद सख्त ईशनिंदा कानून में परिवर्तन करने की बात सामने आई थी। रिजवी ने इसका जोरदार तरीके से विरोध किया था। रिजवी अपने दो हजार से ज्यादा समर्थकों के साथ इस्लामाबाद को रावलपिंडी से जोड़ने वाली सड़क पर धरने पर बैठ गए थे। फैजाबाद में उनका यह विरोध-प्रदर्शन तीन सप्ताह तक चला था। इससे पाकिस्तान के दोनों महानगरों में उथल-पुथल की स्थिति पैदा हो गई थी। हालांकि, बाद में सरकार ने संशोधन को चूक बताकर मामले को शांत किया था। बता दें कि पाकिस्तान में कट्टरपंथियों की मांग के सामने सरकार को अक्सर ही झुकना पड़ता है। मालूम हो कि ईशनिंदा के मामले में ही पाकिस्तान के गवर्नर सलमान तासीर की हत्या कर दी गई थी।

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