अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान पर दोहरा व्यवहार करने का आरोप लगा है। पाकिस्तान पर यह आरोप अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ डेरेक जे ग्रॉसमैन ने लगाया है। ग्रॉसमैन ने कहा है कि पाकिस्तान ने ईरान के लिए 6 नए जमीनी व्यापार रास्ते खोल दिए हैं। यह रास्ते रूस, चीन और अन्य देशों के साथ व्यापार करने के लिए खोले गए हैं।
ग्रॉसमैन ने चेतावनी दी है कि ईरान को यह 6 जमीनी रास्ते देकर पाकिस्तान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अधिकतम आर्थिक दबाव की रणनीति को कमजोर कर रहा है।
ग्रॉसमैन का कहना है कि ऐसा करने से ईरान को अपने बंदरगाह की अमेरिकी नाकेबंदी को हटाने और तेल कारोबार को जारी रखने में सहायता मिलेगी।
सुरक्षा विशेषज्ञ ग्रॉसमैन ने इस मामले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X एक पर एक पोस्ट की है। पोस्ट में उन्होंने कहा है कि इस्लामाबाद ने एक बार फिर अमेरिका के साथ दोहरा व्यवहार किया है।
इजरायल ने उठाया था सवाल
ग्रॉसमैन के इस आरोप के बाद मध्यस्थ की भूमिका में पाकिस्तान की भूमिका पर और सवाल खड़े हो गए हैं। कुछ दिन पहले इजरायल ने भी पाकिस्तान की भूमिका को अविश्वसनीय बताया था। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने पाकिस्तान की मध्यस्थ के रूप में काम करने की क्षमता पर संदेह जाहिर किया था। अजार ने कहा था कि पाकिस्तान भरोसेमंद नहीं है।
इसके अलावा ईरान भी बातचीत की प्रक्रिया में पाकिस्तान की निष्पक्षता को लेकर संदेह जता चुका है। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति आयोग के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने इस्लामाबाद को तेहरान का ‘अच्छा दोस्त’ बताया लेकिन उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वह सही मध्यस्थ नहीं है क्योंकि उसका झुकाव अमेरिका की ओर है।
पाकिस्तान ने दिया ट्रंप को झटका
अमेरिका की नौसेना ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी की हुई है। डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर इतना आर्थिक दबाव डालना चाहते हैं कि वह अमेरिकी शर्तों को मानने के लिए मजबूर हो जाए और साथ ही लड़ाई को खत्म करने की भी उनकी मांग को मान ले लेकिन इस बीच ईरान को 6 जमीनी रास्ते देकर पाकिस्तान ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति को झटका दिया है।
पाकिस्तानी अखबार द डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान जाने वाले 3,000 से अधिक मालवाहक कंटेनर पाकिस्तानी बंदरगाहों पर मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। पाकिस्तान के इस कदम के बाद अब इन कंटेनरों को जमीनी रास्तों से ईरान पहुंचाया जा सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप से पुतिन की क्या बात हुई?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फोन पर डेढ़ घंटे बात की। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
