अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई बातचीत विफल हो चुकी है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अमेरिका लौट गए हैं। इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक अहमद डार ने बयान दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे और बातचीत होगी। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि हमने ईरान और अमेरिका के बीच अच्छी बातचीत कराने की कोशिश की थी।
गेंद अमेरिका के पाले में- ईरानी मीडिया
ईरान की तसनीम समाचार एजेंसी ने एक जानकार सूत्र के हवाले से बताया है कि अब गेंद अमेरिका के पाले में है और ईरान को बातचीत में कोई जल्दी नहीं है। सूत्र ने कहा, “ईरान ने बातचीत में तर्कसंगत पहल और प्रस्ताव पेश किए। अब गेंद अमेरिका के पाले में है कि वह मुद्दों को वास्तविकता से देखे।”
सूत्र ने अमेरिका पर युद्ध की तरह ही बातचीत में भी गलत अनुमान लगाने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि जब तक अमेरिका एक तर्कसंगत समझौते पर सहमत नहीं हो जाता तब तक होर्मुज में कुछ भी नहीं बदलेगा। सूत्र ने आगे कहा कि ईरान को कोई जल्दी नहीं है। बातचीत के अगले दौर के लिए अभी तक कोई तारीख या स्थान तय नहीं किया गया है।
जेडी वेंस ने बातचीत को बताया विफल
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि दोनों देशों के बीच काफी लंबी बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया, इसलिए अमेरिकी टीम अब वापस लौट रही है। जेडी वेंस के मुताबिक इस्लामाबाद बातचीत करीब 21 घंटे तक चली और इस दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने साफ कहा कि ईरान ने अमेरिका की शर्तों को मानने से इनकार कर दिया, जिसकी वजह से समझौता नहीं हो पाया।
जेडी वेंस ने यह भी कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान की कोई गलती नहीं थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच दूरी कम करने और बातचीत को सफल बनाने के लिए पूरी कोशिश की। जेडी वेंस ने पाकिस्तान की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने एक अच्छे मध्यस्थ की तरह काम किया और दोनों पक्षों को करीब लाने का प्रयास किया।
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अमेरिकी और ईरानी नेतृत्व के बीच इस्लामाबाद में बैठक होने वाली है। ये डील युद्ध खत्म करने के लिए हो रही है। अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के युद्ध में हजारों लोगों की मौत हुई और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में भी रुकावट आई है। खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
