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बालाकोट एयर स्‍ट्राइक के बाद सहमा पाकिस्‍तान, सीमा पर तैनात कर दी चीनी डिफेंस मिसाइल

भारत की तरफ से बालाकोट में आतंकी शिविर पर एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान काफी सतर्क हो गया है। भारत की तरफ से किसी भी कार्रवाई का जवाब देने के लिए पाकिस्तान ने सीमा पर चीनी मिसाइलें तैनात कर दी हैं।

भारत ने पुलवामा हमले के बाद बालाकोट में एयर स्ट्राइक किया था। (प्रतीकात्मक फोटोः इंडियन एक्सप्रेस)

पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत की तरफ से बालाकोट में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविर पर एयर स्ट्राइक के बाद से पाकिस्तान काफी सतर्क हो गया है। भारत की तरफ से अगली कार्रवाई से बचने के लिए पाकिस्तान ने अपनी विश्वनीय और पड़ोसी चीन पर एक बार फिर भरोसा किया।

इस क्रम में पाकिस्तान ने सीमा पर चीन निर्मित जमीन पर मार करने वाले मिसाइल डिफेंस सिस्टम को तैनात किया है। हाल की खुफिया रिपोर्टों के अनुसार यह जानकारी सामने आई है। इसमें पाकिस्तान द्वारा चीन के एलवाई-80 मध्यम रेंज की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल तैनात करने की बात कही गई है।

चीन की एलवाई-80 मिसाइल को एचक्यू-16 के नाम से भी जाना जाता है। पाकिस्तानी सेना ने इस मिसाइल को साल 2017 में अपनी सेना में शामिल किया था। चीन निर्मित इस मिसाइल सिस्टम को जरूरत के अनुसार आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है। यह मिसाइल 40 किलोमीटर तक के आसमान में उड़ते लक्ष्य को आसानी से निशाना बना सकता है।

भारत की तरफ आक्रमण किए जाने डरे पाकिस्तान ने अपने सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ा दी है। खबरों के अनुसार पाकिस्तानी सेना का पास आईबीआईएस-150 राडार के पांच सिस्टम्स और एलवाई-80 मिसाइल है। एचक्यू 16- को चाइना प्रिसीजन मशीनरी इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट कॉर्पोरेशन ने तैयार किया है।

यह 150 किलोमीटर की दूरी तक के टार्गेट का पता लगा सकता है। इसमें सिक्स सेल वर्टिकल मिसाइल लॉन्चर लगे हुए हैं। हर एल-बैंड ट्रैकिंग राडार की क्षमता 85 किलोमीटर तक है। यह एक साथ छह टार्गेट का पता लगा सकता है। पाकिस्तान ने चीन से रेनबो सीएच-4 और सीएच5 ड्रोन खरीद का निर्णय लिया है।

खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान ने पाक अधिकृत कश्मीर में ड्रोन्स की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है जिसके कि वे नियंत्रण रेखा के साथ ही अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी रख सकें।

सीएच-4 ड्रोन 400 किलोग्राम विस्फोटक के साथ 40 घंटे तक हवा में रह सकती है। साथ ही यह 5000 किलोमीटर की रेंज को कवर करता है। वहीं रेनबो सीएच-5 1000 किलोग्राम विस्फोटक के साथ 60 घंटे तक हवा में रह सकता है। ये ड्रोन्स 17000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकते हैं।

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