ताज़ा खबर
 

पाकिस्तान की गीदड़ भभकी- भारत को उसी की भाषा में देंगे जवाब

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री खुर्रम दस्तगीर ने कहा कि भारत 11 साल पहले समझौता एक्सप्रेस में मौत के घाट उतारे गए 42 पाकिस्तानियों को इंसाफ देने में नाकाम रहा है।
Author इस्लामाबाद | February 13, 2018 21:06 pm
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री खुर्रम दस्तगीर खान। (Image: Twitter)

जम्मू एवं कश्मीर में एक सेना शिविर पर आतंकी हमले को लेकर भारतीय रक्षा मंत्री की पाकिस्तान को अंजाम भुगतने की चेतावनी के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री खुर्रम दस्तगीर ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान, भारत के किसी भी दुस्साहस का जवाब उसी की जुबान में देगा। पाकिस्तान की प्रत्येक इंच जमीन की ढृढ़ता से रक्षा करने की बात करते हुए दस्तगीर ने कहा, “किसी भी भारतीय आक्रामकता, रणनीतिक गलत अनुमान, किसी भी पैमाने या तरीके के किसी दुस्साहस को किसी भी जगह पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उसका समान व उचित जवाब दिया जाएगा।” दस्तगीर ने कहा कि भारत 11 साल पहले समझौता एक्सप्रेस में मौत के घाट उतारे गए 42 पाकिस्तानियों को इंसाफ देने में नाकाम रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तानी सशस्त्र बल सभी संभावनाओं के प्रति सजग हैं और अपने देश की अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। दस्तगीर ने कहा, “पाकिस्तान केंद्रित एक आक्रामक नीति और युद्धोन्मादी सत्ता के तहत तैयार बल, भारत द्वारा किसी संभावित सामरिक गलत कदम को उठवा सकते हैं जिसका दक्षिण एशिया की स्थिरता पर गंभीर प्रभाल पड़ेगा।” उनका बयान भारतीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सोमवार को दिए गए बयान पर आया है।

सीतारमण ने सोमवार को कहा था जिन आतंकियों ने जम्मू में सेना शिविर पर हमला किया, वे पाकिस्तानी थे। उन्होंने इस्लामाबाद को इस आतंकी हमले के लिए अंजाम भुगतने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था, “पाकिस्तान को इस घटना के लिए अंजाम भुगतना होगा।” सीतारमण ने जम्मू में संवाददाताओं से कहा था कि हमारे सैनिकों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी।

वहीं दूसरी तरफ, पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा मंगलवार को काबुल पहुंचे, जहां उनके ‘चीफ ऑफ डिफेंस’ सम्मलेन में शामिल होने की उम्मीद है। इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने एक बयान में यह बात कही। ‘डॉन न्यूज’ के मुताबिक, सम्मलेन में अमेरिकी सेना के जनरल व रेजोल्यूट सपोर्ट मिशन के कमांडर जनरल जॉन निकलसन और अफगानिस्तान के सैन्य प्रमुख जनरल शेर मोहम्मद करीमी भी शिरकत करेंगे। यह सम्मेलन काबुल में हुए घातक हमलों के एक महीने से भी कम समय के भीतर हो रहा है, जिसके बाद अफगानिस्तान के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने इस्लामाबाद का दौरा किया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.