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हवाई भिड़ंत के बाद भारत से घबराया पाकिस्तान! रिपोर्ट में दावा- चीन के साथ मिलकर अपग्रेड करने लगा यह लड़ाकू विमान

पाकिस्तान और चीन द्वारा मिलकर बनाए जा रहे जेएफ-17 को भारत द्वारा बनाए गए तेजस विमानों का प्रतिद्वंदी माना जा रहा है। भारत के तेजस फाइटर जेट की तरह ही जेएफ-17 भी सिंगल इंजन, मल्टी रोल और हल्के विमान हैं।

पाकिस्तान और चीन मिलकर जेएफ-17 को अपग्रेड कर रहे हैं। (Source: Wiki Commons/Eric Salard)

बीते दिनों भारत पाकिस्तान की वायुसेनाओं के बीच एलओसी पर भिड़ंत (जिसे वायुसेनाएं डॉगफाइट कहती है) हुई थी। इस भिड़ंत में भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन ने अपने मिग-21 बाइसन से पाकिस्तान के अत्याधुनिक एफ-16 फाइटर जेट को तबाह कर दिया था। हालांकि भारत का मिग-21 भी इस दौरान क्रैश हो गया था। लेकिन एक अपेक्षाकृत पुराने विमान से अत्याधुनिक फाइटर जेट के तबाह होने से पाकिस्तानी वायुसेना की काफी किरकिरी हुई थी। अब खबर आयी है कि पाकिस्तान, चीन के साथ मिलकर बनाए गए जेएफ-17 फाइटर जेट को अपग्रेड करने में जुटा है। दरअसल एफ-16 के साथ ही पाकिस्तान के करीब 2 दर्जन जेएफ-17 विमानों ने भी भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश की थी। माना जा रहा है कि पाकिस्तान हवाई भिड़ंत के बाद भारत से घबरा गया है और उसने अपनी क्षमताओं में इजाफा करने का फैसला किया है!

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने चीन के एक विधायक यांग वेई के हवाले से कहा है कि जेएफ-17 फाइट जेट का डेवलेपमेंट और प्रोडक्शन चल रहा है। पाकिस्तान और चीन द्वारा मिलकर बनाए जा रहे जेएफ-17 को भारत द्वारा बनाए गए तेजस विमानों का प्रतिद्वंदी माना जा रहा है। भारत के तेजस फाइटर जेट की तरह ही जेएफ-17 भी सिंगल इंजन, मल्टी रोल और हल्के विमान हैं। खबर के अनुसार, जेएफ-17 के कम्यूनिकेशन सिस्टम और उसकी युद्धक क्षमता में इजाफा किया जा रहा है। साथ ही विमान में एक इलेक्ट्रॉनिक स्कैन्ड रडार फिट किया गया है, जिससे युद्ध के दौरान ज्यादा से ज्यादा सूचना हासिल की जा सकेगी। विमान एक वक्त में कई टारगेट को निशाना भी बना सकेगा।

वहीं भारत की बात करें तो भारत में तेजस लड़ाकू विमानों का प्रोडक्शन शुरु हो चुका है। साल 2019 के अंत तक भारतीय वायुसेना को 16 तेजस विमान मिल सकते हैं। हिन्दुस्तान एयोरनोटिक्स लिमिटेड द्वारा इन विमानों का प्रोडक्शन किया जा रहा है। तेजस चौथी पीढ़ी के बेहतरीन लड़ाकू विमान हैं, जिन्हें मिग-21 के विकल्प के तौर पर तैयार किया जा रहा है। साल 1980 में तेजस विमानों के प्रोडक्शन की योजना बनी थी, जिसे पूरा होते-होते काफी वक्त लग गया।

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