तालिबान की मदद को पाकिस्तान आया आगे! ईरान ने चेताया, यह दख़लअंदाजी ठीक नहीं

पंजशीर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि तालिबान ने दावा किया है कि उसने विरोधी गुट को हरा दिया है और घाटी पर कब्जा कर लिया है, जबकि विरोधी गुट का कहना है कि उसकी लड़ाई जारी है।

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काबुल में एयरपोर्ट के बाहर पेट्रोलिंग करते तालिबानी लड़ाके (फोटो- रॉयटर्स)

सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है जिसमें कथित तौर पर पाकिस्तान वायु सेना के जेट विमानों को पंजशीर घाटी के ऊपर मंडराते हुए देखा गया है। जो तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे में पाकिस्तान की भागीदारी की पुष्टि करता है। रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान पंजशीर में तालिबान की मदद करता रहा है। वहीं, पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने कथित तौर पर अफगानिस्तान की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को गिराने में पाकिस्तान की भूमिका की पुष्टि की।

मालूम हो कि पंजशीर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि तालिबान ने दावा किया है कि उसने विरोधी गुट को हरा दिया है और घाटी पर कब्जा कर लिया है, जबकि विरोधी गुट का कहना है कि उसकी लड़ाई जारी है। अफगानिस्तान के नेता अहमद मसूद के मोर्चे ने भी पुष्टि की है कि पाकिस्तानी लड़ाकू जेट पंजशीर में बम गिरा रहे हैं और तालिबान की मदद कर रहे हैं।

अहमद मसूद ने 19 मिनट के वीडियो में पंजशीर में पाकिस्तान और तालिबान द्वारा बमबारी की पुष्टि की। मसूद ने कहा कि पाकिस्तान ने पंजशीर में सीधे अफगानों पर हमला किया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय चुपचाप देखता रहा। उन्होंने कहा कि वह अपने खून की आखिरी बूंद तक हार नहीं मानेंगे और पुष्टि की कि तालिबान “जंगली” पाकिस्तान की मदद से हमला कर रहा है।

उन्होंने वीडियो में कहा, “तालिबान ने साबित कर दिया कि वे नहीं बदले हैं। तालिब अफगान नहीं हैं, वे बाहरी हैं और बाहरी लोगों के लिए काम करते हैं, और अफगानिस्तान को बाकी दुनिया से अलग रखना चाहते हैं। सभी अफगानों को किसी भी रूप या संभव तरीके से तालिबान का विरोध करना चाहिए।”

वहीं, ईरान ने सोमवार को अफगानिस्तान की पंजशीर घाटी में विरोधियों के खिलाफ तालिबान के सैन्य हमले की “कड़ी निंदा” की। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सईद खतीबजादेह ने संवाददाताओं से कहा, “पंजशीर से आ रही खबर वास्तव में चिंताजनक है। हमले की कड़ी निंदा की जाती है।”

पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए सईद खतीबजादेह ने कहा कि ईरान अफगान मामलों में “सभी विदेशी हस्तक्षेप” की निंदा करता है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “हम अपने दोस्तों और उन लोगों को सूचित करना चाहते हैं जो अलग-अलग इरादों से अफगानिस्तान में प्रवेश करने की रणनीतिक गलती कर सकते हैं, कि अफगानिस्तान एक ऐसा देश नहीं है जो अपनी धरती पर दुश्मन (या) हमलावर को स्वीकार करता है।”

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