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भारत के सर्जिकल स्ट्राइक पर पाकिस्तान कैबिनेट की बैठक, कहा- कश्मीरियों को न्याय दिलाना हमारा लक्ष्य

सरताज अजीज ने कहा कि पाकिस्तान कूटनीतिक रूप से भारत का सामना करेगा लेकिन ‘हमारे सशस्त्र बल भी देश की रक्षा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।’

Author इस्लामाबाद | September 30, 2016 3:23 PM
सार्क सम्मेलन के आयोजन पर पाक मीडिया को संबोधित करते पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफ़ीस ज़कारिया। (AP/PTI/29 Sep, 2016/File)

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादियों के ठिकानों पर भारतीय सेना के लक्षित हमलों के एक दिन बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने नियंत्रण रेखा पर स्थिति एवं भारत के साथ हालिया तनाव पर चर्चा करने के लिए कैबिनेट की शुक्रवार (30 सितंबर) को विशेष बैठक बुलाई। ‘रेडियो पाकिस्तान’ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बैठक की अध्यक्षता की जिसमें ‘हालिया घटनाक्रम से पैदा हुई चुनौती के प्रति देश की सामूहिक प्रतिक्रिया पर चर्चा किए जाने की संभावना है।’ बैठक से पहले कैबिनेट के सदस्यों ने हर कीमत पर मातृभूमि की रक्षा करने के सरकार के संकल्प को दोहराया।

विदेश मामलों पर सलाहकार सरताज अजीज ने कहा कि ‘कश्मीर के लोगों के न्यायसंगत संघर्ष’ के प्रति समर्थन ‘पाकिस्तान की प्राथमिकता रहेगी और वह इस मामले में पीछे नहीं हटेगा।’ उन्होंने कहा कि भारत कश्मीरियों के खिलाफ ‘ज्यादतियों’ से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भटकाने की रणनीति अपना रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कूटनीतिक रूप से भारत का सामना करेगा लेकिन ‘हमारे सशस्त्र बल भी देश की रक्षा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।’

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने दोहराया कि पाकिस्तान नहीं चाहता कि तनाव बढ़े लेकिन वह ‘हर परिस्थिति के लिए तैयार है।’ आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान नियंत्रण रेखा के पार भारत की हर प्रकार की गोलीबारी का ‘उपयुक्त’ जवाब देगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ‘गैरजिम्मेदाराना व्यवहार’ दिखा रहा है और आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत कश्मीरी लोगों की वैध आकांक्षाओं को दबा नहीं सकता।

वाणिज्य मंत्री खुर्रम दस्तगीर ने कहा कि भारत कश्मीरियों के खिलाफ अपने अत्याचारों से दुनिया का ध्यान भटकाने की कोशिश के तहत कृत्रिम तनाव पैदा कर रहा है। कश्मीर मामलों के मंत्री चौधरी बरजीस ताहिर ने कहा कि विश्व ने दशकों पहले संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के जरिए आत्म निर्णय के अधिकार का संकल्प लिया था और अब कश्मीरियों की पांचवीं पीढ़ी इस अधिकार के लिए विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि कश्मीरियों के वैध संघर्ष को दबाने की भारतीय नीति से न तो भारत को लाभ होगा और न ही क्षेत्र को।

ऐसी संभावना है कि विदेश मामलों के सचिव ऐजाज चौधरी नियंत्रण रेखा के पार भारत एवं पाकिस्तान के बीच तनाव एवं कश्मीर मामले के संबंध में कैबिनेट को जानकारी देंगे। कैबिनेट की बैठक ऐसे समय में हो रही है जब ऐसी रिपोर्ट आई हैं कि संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी वैश्विक संस्था के प्रमुख बान की मून से मुलाकात करके उन्हें नियंत्रण रेखा पर भारत की ओर से ‘लगातार उकसावे की कार्रवाई’ के बारे में बताएंगी।

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