पाकिस्तान की मिडिल ईस्ट में शांति की मध्यस्थता करने की कोशिश दुनिया की नजरों में साफ सुथरा दिखने की कोशिश है। यह बात पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटे सुलेमान ने एक इंटरव्यू के दौरान कही है।
चैनल14 को दिए गए इंटरव्यू में सुलेमान ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर की बातचीत में मध्यस्थ बनने की पाकिस्तान की पेशकश शहबाज शरीफ सरकार द्वारा किए जा रहे मानवाधिकारों के हनन और लोकतंत्र के अपमान से लोगों का ध्यान भटकाने की उसकी एक कोशिश मात्र है।
पिता से मिलने की मांगी अनुमति
इमरान खान के बेटों ने पाकिस्तान में अपनी पिता से मिलने की अनुमति के लिए आवेदन किया है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के उस खुलासे के बाद उठाया गया है, जिसमें बताया गया था कि हिरासत में रहने के दौरान इमरान खान की दांई आंख की रोशनी गंभीर रूप से कम हो गई है।
इस्लामाबाद पहुंच चुके ईरान के विदेश मंत्री
रायटर्स के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुंचे। अब्बास अराकची अमेरिका के साथ शांति वार्ता फिर शुरू करने के प्रस्तावों पर चर्चा करने आए थे। इससे आठ हफ्तों से चल रही अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के खत्म होने की कुछ उम्मीद जगी है। इस युद्ध में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं। साथ होमुर्ज जलमार्ग के बंद होने से दुनिया भर के तेल बाजारों में उथल-पुथल मचा हुआ है।
ईरान ला रहा प्रस्ताव
इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को बताया कि ईरान एक ऐसा प्रस्ताव लाने की योजना बना रहा है, जिसका मकसद अमेरिका की मांगों को पूरा करना है; लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अभी यह नहीं पता कि उस प्रस्ताव में क्या हो सकता है।
पाकिस्तान काफी दिनों से अमेरिका और ईरान में दूसरे दौर की बातचीत कराने के लिए भाग-दौड़ कर रहा है। हालांकि, दोनों देशों के बीच जारी तनाव के कारण इस वार्ता में देरी हो रही है। ईरान चाह रहा कि अमेरिका ईरान की नाकाबंदी बंद करे और अमेरिका ऐसा करना नहीं चाह रहा। इसी वजह से ईरान ने होमुर्ज जलमार्ग को फिर से बंद कर रखा है।
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ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान एक बार फिर महत्वपूर्ण कूटनीतिक मंच के रूप में सामने आया है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में तेहरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की सीधी बातचीत के लिए तैयार नहीं है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
