ताज़ा खबर
 

‘भारत से युद्ध लड़ना पाकिस्तान की कूबत से बाहर, उसे सता रहा हार का डर’, पाकिस्तानी स्कॉलर ने खोली पोल

स्कॉलर ने कहा है कि भारत से युद्ध लड़ना पाकिस्तान की कूबत से बाहर है। इसके साथ स्कॉलर ने कहा है कि पाकिस्तान को हार का डर सता रहा है।

Pakistan, position, war, India, Ayesha Siddiqa, kashmir, article 370, Article 35A,Jammu Kashmir,Jammu and Kashmir, Kashmir, pakistan army, indian army, pok, locपाकिस्तानी स्कॉलर आयशा सिद्दाका। फोटो: Twitter/ Ayesha Siddiqa

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को निष्प्रभावी किए जाने के बाद पाकिस्तान बौखलाहट में है। वह कश्मीर मुद्दे को विश्व पटल पर रख भारत पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। वहीं साथ-साथ भारत को युद्ध पर गिदड़भभकी भी दे रहा है। पाकिस्तान की पोल खुद एक पाकिस्तानी स्कॉलर ने खोल दी है। स्कॉलर ने कहा है कि भारत से युद्ध लड़ना पाकिस्तान की कूबत से बाहर है। इसके साथ स्कॉलर ने कहा है कि पाकिस्तान को हार का डर सता रहा है।

स्कॉलर का नाम आयशा सिद्दाका है। आयशा लेखक और रक्षा मामलों की विशेषज्ञ हैं। ‘मिलिट्री इंक (Military Inc.), इनसाइड पाकिस्तान मिलिट्री इकोनॉमी’ की लेखिका आयशा ने आर्टिकल 370 और आर्टिकल 35ए को निष्प्रभावी बनाए जाने के फैसले पर सिने इंक से बातचीत में कहा ‘पाकिस्तान और उनकी सेना इस स्थिति में बिल्कुल भी नहीं है कि वह कश्मीर मुद्दे पर भारत से युद्ध लड़े। इसके पीछे देश की खराब हीती अर्थव्यवस्था और बढ़ती मंहगाई मुख्य वजह है। इसकी वजह से आम लोगों की जिंदगी में बेहद ही गंभीर प्रभाव देखने को मिल रहे हैं।’

वह कहती हैं ‘मैं अपने एक दोस्त से पीओके में बातचीत कर रही थी तो मैंने उनसे पूछा कि पाकिस्तानी सेना भारत से युद्ध क्यों नहीं कर रही? तो उन्होंने कहा कि हार के डर से जंग से बचा जा रहा है।’

लेखिका ने आगे कहा ‘आम जनता को समझ आ गया है कि यह भारत के खिलाफ युद्ध लड़ने का सही समय नहीं है। ऐसा पहली बार है कि पाकिस्तान के आम आदमी को भी इस बात का अहसास हो चुका है कि उनका देश इस समय युद्ध लड़ने के कूबत से बाहर है। बीते 72 सालों से पाकिस्तानी सेना का फोकस सिर्फ कश्मीर और भारत तक ही सीमित रहा है। एक दिन ऐसा भी आएगा जब जब वह देखेंगे कि उनके हाथ में जो था वह भी उनके पास नहीं रहा।’

बता दें कि आयशा पाकिस्तान के लाहौर की रहने वाली हैं। फिलहाल वह लंदन की एसओएएस यूनिवर्सिटी में रिसर्च एसोसिएट पद पर कार्यरत हैं।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 लाखों ब्रा इकट्ठा कर रहा यह संगठन! मकसद जान आप भी करेंगे सलाम
2 दूसरे देश में भी इन मुसलमानों पर जुल्म ढा रहा चीन, पीड़ितों ने सुनाई खौफनाक कहानियां
3 Kabul wedding attack: ‘हर तरफ बिखरी थी लाशें, रो रहे थे लोग’, अफगानिस्तान में आज तक का सबसे वीभत्स हमला!
ये पढ़ा क्या?
X