संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का लगभग 50 साल बाद पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (OPEC) से बाहर निकलने का फैसला लिया है। एक मई से वह इस संगठन का सदस्य नहीं रहेगा। यूएई का यह कदम कूटनीति के साथ-साथ व्यावसायिक भी है।

यूएई के इस फैसले से न सिर्फ ओपेक सदस्यों बल्कि उसके मुखिया सऊदी अरब के लिए भी करारा झटका है। यह फैसला सऊदी के करीबी डिफेंस पार्टनर पाकिस्तान को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

यूएई के बाहर आने में पाकिस्तान का भी हाथ

सऊदी अरब और यूएई के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था, लेकिन ईरान के हमलों ने इस मामले को और हवा दे दी। यूरेशिया ग्रुप के मीडिल ईस्ट डायरेक्टर फिरास मकसाद ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि संयुक्त अरब अमीरात खुद को सीमित नहीं रखना चाहता था, खासकर तब जब वे तेल उत्पादन की क्षमता को बढ़ाना चाहते थे और सऊदी अरब इसे कम रखना चाहता था।

यूएई इधर पाकिस्तान से भी नाराज चल रहा है, जिसका एक कारण सऊदी अरब से उसके हालिया रिश्ते भी है, लेकिन बड़ा कारण यह है कि पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ के रूप में कमजोर भूमिका निभाई है और युद्ध के दौरान खाड़ी देशों पर हमले के लिए ईरान को दोषी नहीं ठहराया है।

ब्रिटेन स्थित वित्तीय दैनिक को चैथम हाउस के एसोसिएट फेलो नील क्विलियम ने कहा, “पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका से यूएई नाराज है क्योंकि चीजों को ठीक से सामने नहीं रख रहा है।”

ओपेक से बाहर निकलने से यूएई को फायदा

यूएई ओपेक का तीसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक सदस्य देश था, जो 1967 में इस समूह में शामिल हुआ था, लेकिन समूह के उत्पादन क्षमता पर काफी लंबे समय से सऊदी अरब का नियंत्रण था। जिससे यूएई अपनी उत्पादन क्षमता नहीं बढ़ा पा रहा था।

यूएई के इस फैसले से सऊदी अरब की प्रतिष्ठा को तगड़ा झटका लगा है क्योंकि इससे उसके तेल कीमतों को नियंत्रित करने की उसकी क्षमता कमजोर होगी। साथ ही यूएई को अमेरिका के करीब आने का मौका भी मिलेगा क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से ओपेक के आलोचक रहे हैं।

सऊदी अरब को झटका

यूएई की सरकारी कंपनी एडनोक के मुताबिक, यूएई के ओपेक से बाहर आ जाने से ईरान युद्ध शुरू होने से पहले कच्च तेल का उत्पादन 3.4 मिलियन बैरल प्रतिदिन था, जो 2027 तक बढ़कर 5 मिलियन बैरल हो जाएगा।

दुबई स्थित एमिरेट्स पॉलिसी सेंटर की अध्यक्ष डॉ. इब्तेसम अल-केतबी ने द गार्जियन से कहा कि यह कदम को स्वार्थपूर्ण कार्रवाई है। आगे कहा, “यूएई एक गुट के अंदर उत्पादक भूमिका से हटकर एक ऐसे संतुलनकारी उत्पादक के रूप में खुद को आगे ला रहा है जो अपनी कार्य करने की क्षमता के माध्यम से बाजार स्थिरता में योगदान देता है। हालांकि यह कदम ओपेक की एकजुटता को धीरे-धीरे कमजोर कर सकता है। साथ ही यह वैश्विक आपूर्ति को सीधे प्रभावित करने में सक्षम देश के रूप में यूएई को मजबूत बनाता है।”

पाकिस्तान भी है कारण

ओपेक से बाहर आने से पहले यूएई ने अपना गुस्सा पाकिस्तान को ही दिखाया था। यूएई ने पाकिस्तान से 3.5 अरब डॉलर जमा राशि वापस करने का दबाव डाला, जो पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार का पाँचवाँ हिस्सा है। यूएई के इस कदम को ईरान के मुद्दे पर पाकिस्तान की तटस्थता को लेकर उसकी नाराजगी का संकेत माना गया है,जिस कारण सऊदी अरब को पाकिस्तान की मदद करने को आगे आना पड़ा।

खाड़ी के दोनों देशों के बीच सालों से पनप रही थी जो यमन में युद्ध के दौरान दिसंबर और जनवरी में खुलकर सामने आ गई, जहां वे दो अलग-अलग गुटों का समर्थन कर रहे थे।

जानकारों के अनुसार, इस दरार का एक और कारण यह भी है कि सऊदी अरब अपने खाड़ी पड़ोसी की तुलना में पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र के अधिक निकट जाता रहा है।

भारत को मिल सकता है लाभ

ओपेक से यूएई के बाहर निकलने से भारत को फायदा पहुंचने की संभावना है क्योंकि इससे लागत कम होगी और आपूर्ति तक पहुंच में भी सुधार की उम्मीद है। यूएई ओपेक कोटे से मुक्त होकर अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाना चाहता है और मांग बने रहने तक अपने भंडार को बेचते रहना चाहता है। भारत के लिए आयात की लागत कम हो सकती है अगर वह यूएई से और तेल खरीदना चाहे तो।

ग्रांट थॉर्नटन भारत के तेल और गैस पार्टनर सौरव मित्रा ने फाइनेंशियल एक्सप्रेस से कहा, “ओपेक से यूएई के बाहर निकलने से मध्यम अवधि में वैश्विक तेल आपूर्ति बढ़ने की संभावना है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आ सकती है। इस लिहाज से यह भारत के आयात बिल और मुद्रास्फीति के लिए फायदेमंद हो सकता है।”

यह भी पढ़ें: ईरान युद्ध के बीच OPEC से बाहर निकला संयुक्त अरब अमीरात, क्या खाड़ी देशों में पड़ रही अब फूट?

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने मंगलवार को OPEC (ओपेक) और OPEC+ को छोड़ने का ऐलान किया है। यूएई ने कहा कि वह एक मई से OPEC (ओपेक) और OPEC+ समूह से बाहर निकल जाएगा। यह तेल उत्पादक देशों के इस समूह के लिए एक बड़ा झटका है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें