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दबाव में झुका पाकिस्तान: रिटायर्ड नेवी ऑफिसर कुलभूषण जाधव को पत्नी से मुलाकात की दी इजाजत

माना जा रहा है इस बावत पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद स्थित भारत के उच्चायोग को जानकारी दे दी है।
भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव (File Photo)

पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नौसेना के रिटायर्ड नेवी ऑफिसर कुलभूषण जाधव को अपनी पत्नी से मुलाकात की इजाजत मिल गई है। पाकिस्तान की सरकार ने ‘मानवीय आधार’ पर उन्हें ये इजाजत दी है। माना जा रहा है कि भारत और अंतरराष्ट्रीय दबाव में झुकते हुए पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को उनकी पत्नी से मिलने की अनुमति दी। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक पाकिस्तान सरकार मानवीय आधार पर कुलभूषण जाधव की भेंट उनकी पत्नी से कराने को तैयार है। माना जा रहा है इस बावत पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद स्थित भारत के उच्चायोग को जानकारी दे दी है। पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव पर जासूसी का आरोप लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पाकिस्तान की मिलिट्री कोर्ट ने उन्हें मौत की सजा सुनाई है। भारत ने पाकिस्तानी सैन्य अदालत के इस फैसले को अंतरराष्ट्रीय अदालत में चुनौती दी है। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय अदालत ने इस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, “पाकिस्तान सरकार ने पूरी तरह मानवीय आधार पर पाकिस्तान में कमांडर कुलभूषण जाधव को उनकी पत्नी से मुलाकात कराने का निर्णय लिया है।”इस्लामाबाद ने कहा था कि कथित रूप से भारतीय नौसेना के अधिकारी और बाद में भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च और एनालिसिस विंग (रॉ) से जुड़ने वाले जाधव को पाकिस्तान में अवैध रूप से घुसपैठ के बाद 3 मार्च, 2016 को गिरफ्तार किया गया था।
बयान के अनुसार, “जाधव ने पाकिस्तान अदालत में इस बात को ‘स्वीकारा’ था कि उसे भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ ने पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ने, अस्थिर करने के उद्देश्य से जासूसी, आतंकवादी और तोड़फोड़ की गतिविधियों के समन्वय और आयोजन के लिए कहा था।”

बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान कुलभूषण जाधव की मां को पाकिस्तान का वीजा देने से इनकार कर चुका है। भारत इस साल जुलाई से ही कुलभूषण जाधव के परिवार वालों को उनसे मुलाकात करवाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन आज (10 नवंबर) से पहले भारत को कामयाबी नहीं मिली थी। भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने खुद पाकिस्तान के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज को वीजा देने के संदर्भ में पत्र लिखा था।

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