Iran-USA Peace Talks: अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता से पहले पाकिस्तान ने सऊदी अरब में अपने मेड इन चाइना समेत कई लड़ाकू विमान तैनात कर दिए हैं। इस बात की पुष्टि सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने की। उन्होंने बताया कि किंग अब्दुलअजीज एयरबेस पर पाकिस्तान के फाइटर जेट का आगमन हुआ है।

दरअसल, सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दोनों मित्र देशों के बीच हस्ताक्षरित संयुक्त रणनीतिक रक्षा समझौते के तहत पूर्वी क्षेत्र में स्थित किंग अब्दुलअजीज एयरबेस पर इस्लामिक गणराज्य पाकिस्तान से एक सैन्य टुकड़ी का आगमन हुआ है। इस पाकिस्तानी सैन्य टुकड़ी में पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू और सहायक विमान शामिल हैं।

क्यों सऊदी अरब पहुंचे PAF के जेट्स

जानकारी के मुताबिक, सऊदी अरब में पाकिस्तान जेट्स के जाने के उद्देश्य संयुक्त सैन्य समन्वय को बढ़ाना है। दोनों देशों के सशस्त्र सेनाओं के बीच कॉर्डिनेशन की तत्परता के स्तर को ऊपर उठाना और रिजन- इंटरनेशनल स्तर पर सुरक्षा और स्थिरता को सुदृढ़ करना है?

दोनों देशों के बीच है समझौता

सऊदी अरब में पाकिस्तान के फाइटर जेट्स की तैनाती को लेकर बता दें कि पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच एक ज्वाइंट स्ट्रेटेजिक डिफेंस एग्रीमेंट हुआ है। इसी के तहत दोनों देशों के बीच संयुक्त समन्वय को बढ़ाना और रिजनल और इंटरनेशनल स्तर पर सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करना है।

इसी समझौते के तहत पाकिस्तान ने यह फैसला लिया है। ऐसे में मिडिल ईस्ट में बने हालात भी इसकी वजह है। ईरान ने सऊदी के अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया था। वहीं, पाकिस्तान इस युद्ध में मध्यस्थता की भूमिका में है।

पाकिस्तान में होनी है ईरान-इजरायल की बातचीत

गौरतलब है कि पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते पर बातचीत होगी। हालांकि, दोनों देशों के बीच पाकिस्तान पुल का काम करेगा। दोनों देशों का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा जरूर हैं, लेकिन उनके बीच सीधी बातचीत नहीं होगी, बल्कि पाकिस्तान मध्यस्थता की भूमिका निभा सकता है।

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अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता होगी। (Image Source: AP/AI)

अमेरिकी और ईरानी नेतृत्व के बीच इस्लामाबाद में बैठक होने वाली है। ये डील युद्ध खत्म करने के लिए हो रही है। अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के युद्ध में हजारों लोगों की मौत हुई और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में भी रुकावट आई है। दोनों पक्षों में कुछ खास चीजों पर चर्चा करने की उम्मीद है। ईरान का कहना है कि औपचारिक बातचीत तभी शुरू हो सकती है जब अमेरिकी, लेबनान में सीज़फ़ायर पर वादा करे और ईरान पर लगे बैन हटाए। पढ़िए पूरी खबर…