ताज़ा खबर
 

ओसामा ने नवाज शरीफ को समर्थन और पैसा दिया: पूर्व पाकिस्तानी राजनयिक ने कहा

शरीफ को लाहौर उच्च न्यायालय से उपचार के लिए देश से बाहर जाने की अनुमति मिलने के बाद से वह नवंबर 2019 से लंदन में हैं।

Author इस्लामाबाद | January 31, 2021 11:13 PM
Nawaz Sharif, Pakistan, International Newsपाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ। (फाइल फोटोः REUTERS)

पाकिस्तान की एक पूर्व राजनयिक ने आरोप लगाया है कि आतंकी संगठन अल-कायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का समर्थन किया था और उन्हें पैसा भी मुहैया करवाया था।

शरीफ के मंत्रिमंडल की सदस्य रह चुकी आबिदा हुसैन ने जियो टीवी को दिए एक साक्षात्कार के दौरान कहा, “हां, उसने (ओसामा) कभी मियां नवाज शरीफ का समर्थन किया था। वह एक जटिल कहानी है। वह (ओसामा) शरीफ को वित्तीय सहायता देता था।” चैनल ने बताया कि हुसैन ने कहा कि एक समय बिन लादेन लोकप्रिय था और अमेरिका समेत सब उसे पसंद करते थे लेकिन बाद में सबने उससे दूरी बना ली।

हुसैन 1980 के दशक में हुए सोवियत-अफगान युद्ध के बारे में संकेत दे रही थीं जिसमें लादेन ने आतंकी समूहों जिन्हें मुजाहिदीन के रूप में जाना जाता था, उनके साथ मिलकर सोवियत फौज के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।

लादेन को अमेरिकी सेना ने पाकिस्तान के एबटाबाद में मई 2011 में मार दिया था। पिछले सप्ताह तहरीक ए इंसाफ पार्टी के एक सांसद ने आरोप लगाया था कि शरीफ ने बेनजीर भुट्टो सरकार को गिराने के लिए लादेन से एक करोड़ डॉलर लिए थे। भुट्टो द्वारा लिखी किताब का हवाला देते हुए फर्रुख हबीब ने कहा था कि शरीफ की बेटी मरियम नवाज को यह किताब पढ़नी चाहिए।

बृहस्पतिवार को हबीब ने कहा था, “पृष्ठ संख्या 201 पर लिखा है कि उनके पिता नवाज शरीफ ने देश में विदेशी धन की नींव रखी और ओसामा बिन लादेन से मिले एक करोड़ डॉलर का इस्तेमाल बेनजीर भुट्टो सरकार के प्रति अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए किया।” शरीफ को लाहौर उच्च न्यायालय से उपचार के लिए देश से बाहर जाने की अनुमति मिलने के बाद से वह नवंबर 2019 से लंदन में हैं।

Next Stories
1 अमेरिका में तोड़ी गई महात्मा गांधी की प्रतिमा, भारत ने दिया था तोहफा, राजनयिक ने कहा- जांच कराइए
2 Transparency International की रैंकिंग में 6 स्थान नीचे खिसका भारत, जानिए इसका मतलब
3 राष्ट्रपति बाइडेन ने एंथनी ब्लिंकन को दी विदेशी मामलों की जिम्मेदारी, पद संभालते ही काम में जुट गए
ये पढ़ा क्या?
X