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सीरिया: राष्ट्रपति असद की बढ़ी मुश्किलें, विपक्षी नेताओं ने कहा-छोड़ो देश, जिंदा या मुर्दा

सीरिया में गृहयुद्ध के चलते अब तक 2.7 लाख लोग मारे जा चुके हैं और देश की लगभग आधी आबादी अपने घरों को छोड़ चुकी है।

Author जिनेवा | March 13, 2016 13:47 pm
संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में कल जिनेवा में शुरू होने जा रही वार्ता संघर्ष को खत्म करने का सबसे हालिया अंतरराष्ट्रीय प्रयास है। (representative picture)

सीरिया में पांच साल से चले आ रहे गृहयुद्ध को खत्म करने के लिए जिनेवा में सोमवार से शुरू हो रही वार्ता से पहले सीरियाई विपक्ष ने कहा है कि राष्ट्रपति बशर अल-असद को सत्ता छोड़नी होगी, फिर चाहे वह इसे जीवित रहते हुए छोड़ें या फिर मृत अवस्था में। संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में कल जिनेवा में शुरू होने जा रही वार्ता संघर्ष को खत्म करने का सबसे हालिया अंतरराष्ट्रीय प्रयास है। इस संघर्ष में 2.7 लाख लोग मारे जा चुके हैं और देश की लगभग आधी आबादी अपने घरों को छोड़कर जाने पर विवश हुई है ।
विपक्ष की ओर से प्रमुख वार्ताकार मोहम्मद अलाउश ने जिनेवा में कल कहा, ‘‘हमारा मानना है कि हस्तांतरण की अवधि की शुरूआत बशर अल-असद को सत्ता से हटाकर या उनकी मौत के साथ होनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसकी शुरूआत शासन की मौजूदगी या शासन प्रमुख के सत्ता में बने रहते हुए नहीं की जा सकती।’’संयुक्त राष्ट्र अगले छह माह में एक परिवर्ती सरकार और एक नया संविधान लागू करने पर जोर दे रहा है । विधायी एवं राष्ट्रपति पद के चुनाव अगले साल होंगे।

विपक्षी समूह की उच्च वार्ता समिति का कहना है कि अंतरिम सरकार को पूर्ण कार्यकारी शक्तियां दी जानी चाहिए लेकिन शासन ने वार्ता से ठीक पहले ही इस ख्याल को खारिज कर दिया है। सीरियाई विदेश मंत्री वालिद मुआल्लेम ने दमिश्क में शनिवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हम ऐसे किसी भी व्यक्ति से बात नहीं करेंगे, जो राष्ट्रपति पद की बात करना चाहता है।’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि वे (एचएनसी) इसी रवैये को जारी रखते हैं तो उनके जिनेवा आने का कोई मतलब नहीं है।’  दो सप्ताह पहले ऐतिहासिक संघर्षविराम लागू होने से संघर्ष में कमी आई है।

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