पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन नूरीन नियाजी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच 2025 में हुए सैन्य तनाव को लेकर दिए गए उनके बयानों के बाद पाकिस्तान की नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) ने उन्हें समन जारी किया है। एजेंसी ने उन्हें ऑनलाइन कंटेंट के जरिए राज्य संस्थानों की छवि खराब करने और कथित तौर पर भ्रामक सामग्री फैलाने के आरोपों पर जवाब देने के लिए तलब किया है।

नूरीन नियाजी को सोमवार को इस्लामाबाद स्थित NCCIA कार्यालय में पेश होकर अपना बयान दर्ज कराने को कहा गया है। यह कार्रवाई उनके उस इंटरव्यू के बाद हुई, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और जिसमें उन्होंने 2025 के भारत-पाक सैन्य टकराव को लेकर कई विवादित दावे किए।

इंटरव्यू में नूरीन नियाजी ने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ सैन्य घटनाक्रम केवल सीमा विवाद तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक और सैन्य हित भी जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद की घटनाओं को लेकर जनता के सामने पूरी तस्वीर पेश नहीं की गई।

‘भारत की सैन्य कार्रवाई पाकिस्तान के आधिकारिक बयानों से अलग थी’

उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत की सैन्य कार्रवाई पाकिस्तान के आधिकारिक बयानों से अलग थी और पाकिस्तान की सेना ने अपनी स्थिति को बेहतर दिखाने के लिए सफलता की कहानी पेश की। हालांकि, नूरीन नियाजी ने अपने इन दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया।

अपने इंटरव्यू में उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी कथित समझ, इजरायल और अब्राहम समझौते को लेकर संभावित रणनीतिक समीकरणों और अमेरिका की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि भारत-पाक तनाव के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई राजनीतिक समीकरण काम कर रहे थे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

नूरीन नियाजी ने यह भी कहा कि अमेरिकी हस्तक्षेप के बाद पाकिस्तान के नेतृत्व को एक सम्मानजनक रास्ता निकालने में मदद मिली। इस दावे के पक्ष में भी उन्होंने कोई प्रमाण नहीं दिया।

उनके बयानों के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक बहस तेज हो गई। सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के नेताओं ने आरोप लगाया कि ऐसे बयान देश की संस्थाओं को कमजोर करते हैं। वहीं, उनके समर्थकों का कहना है कि उन्होंने केवल सैन्य और राजनीतिक फैसलों पर सवाल उठाए हैं।

NCCIA ने अपने नोटिस में आरोप लगाया है कि नूरीन नियाजी ने सोशल मीडिया के माध्यम से कथित रूप से आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री साझा की, जिससे राज्य संस्थानों की छवि प्रभावित हुई। अब एजेंसी उनके जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी।

नूरीन नियाजी का मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान में सेना की भूमिका, राजनीतिक व्यवस्था और भारत के साथ संबंधों को लेकर बहस पहले से तेज है। इमरान खान परिवार की ओर से आया यह बयान अब केवल एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं रह गया है, बल्कि पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति और सैन्य प्रतिष्ठान के बीच चल रहे तनाव का नया मुद्दा बन गया है।

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भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक रूप से सार्वजनिक किए हैं। इन वीर जवानों के नाम दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट के रोल ऑफ ऑनर में अंकित किए जाएंगे। भारत ने 6 और 7 मई 2025 की मध्य रात्रि पाकिस्तान में स्थित आतंकी अड्डों को तबाह करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर ऑपरेशन शुरू किया था। इन 6 शहीदों में भारतीय सेना के पांच जवान और भारतीय एयरफोर्स के एक जवान के नाम शामिल हैं। भारतीय सेना के राइफलमैन सुनील कुमार को मरणोपरांत वीर चक्र और साजेंट सुरेंद्र कुमार को वायु पदक से सम्मानित किया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक