On This Day 23 March in 1940 Mohammad Ali Jinnah's All-India Muslim League passed Lahore Resolution for Seperate Country Pakistan from India - आज ही के दिन 1940 में मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान बनाने के लिए पारित किया था लाहौर प्रस्ताव, पड़ी थी भारत विभाजन की नींव - Jansatta
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आज ही के दिन 1940 में मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान बनाने के लिए पारित किया था लाहौर प्रस्ताव, पड़ी थी भारत विभाजन की नींव

1940 में भले ही बहुतों को ये केवल राजनीतिक खामाख्याली लगा हो लेकिन सात साल बाद 1947 में देश को दो टुकड़े हुए और मुस्लिम लीग के नेता मोहम्मद अली जिन्ना पाकिस्तान के संस्थापक कहलाए।

पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना (फाइल फोटो)

भारतीय उपमहाद्वीप में 23 मार्च का दिन कई कारणों से ऐतिहासिक है। इसी दिन भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को ब्रिटिश शासकों ने फांसी दी। इसी दिन भारतीय राजनीति को नई दिशा देने वाले राममनोहर लोहिया का जन्म हुआ। लेकिन कम लोगों का याद है कि यही वो दिन था जब भारत के विभाजन की नींव पड़ी थी। इसी दिन 1940 में आल इंडिया मुस्लिम लीग ने अपने लाहौर अधिवेशन में भारत से अलग होकर पाकिस्तान नाम के अलग मुस्लिम देश बनाने का प्रस्ताव पारित किया था। 1940 में भले ही बहुतों को ये केवल राजनीतिक खामाख्याली लगा हो लेकिन सात साल बाद 1947 में देश को दो टुकड़े हुए और मुस्लीम लीग के नेता मोहम्मद अली जिन्ना पाकिस्तान के जन्मदाता कहलाए।

लाहौर प्रस्ताव (कारादाद-ए-लाहौर) नाम से मशहूर इस प्रस्ताव के लेखक थे मोहम्मद जफरुल्लाह खान। मुस्लीम लीग का ये सत्र 22 मार्च से 24 मार्च 1940 तक लाहौर के मिंटो पार्क (अब इकबाल पार्क) में आयोजित हुआ था। भारत के मुस्लिम बहुल इलाकों को मिलाकर एक अलग देश बनाने और उसका नाम “पाकिस्तान” रखने का विचार चौधरी रहमत अली ने जनवरी 1933 में प्रकाशित एक पर्चे में रखा था। देश के तौर पर “पाकिस्तान” का प्रयोग पहली बार इसी पर्चे में हुआ था।

Muslim League, Mohammad Ali Jinnah, Lahore Resolution, Pakistan 1940 के लाहौर अधिवेशन के दौरान मुस्लिम लीग की वर्किंग कमेटी के सदस्य। (विकीकॉमंस)

रहमत अली ने इस पर्चे को 1933 में लंदन में हुए गोलमेज सम्मेलन में पेश किया था। इस पर्चे में अली ने भारत के पांच उत्तरी इलाकों (पंजाब, नार्थ-वेस्ट फ्रंटियर, कश्मीर, सिंध और बलूचिस्तान) को मिलाकर राष्ट्रीय दर्जा दिए जाने की मांग की थी। पत्र में रहमत अली ने खुद को “पाकिस्तान नेशनल मूवमेंट” का संस्थापक बताया था।

भले ही पाकिस्तान की मांग सबसे पहले रहमत अली ने की हो लेकिन इस लोकप्रिया मुस्लिम लीग के प्रस्ताव के बाद ही मिली। मुस्लिम लीग के इस प्रस्ताव को एके फजलुल हक ने पेश किया था। मुसलमानों के लिए अलग मुल्क पाकिस्तान बनाने की मांग को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया।

इतिहासकारों की मानें तो मुस्लिम लीग के लाहौर अधिवेशन के बाद मोहम्मद अली जिन्ना के रवैये में बड़ा बदलाव आया। जिन्ना पहले हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रबल पैरोकार थे। वो निजी जीवन में कत्तई धार्मिक नहीं थे। लाहौर प्रस्ताव के पारित होने के बाद जिन्ना ने इस पर पूरी शिद्दत से अमल किया। 1947 में जब भारत विभाजन के बाद अलग पाकिस्तान बना तो जिन्ना उसके पहले गवर्नर जनरल बने।

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