अमेरिका-ईरान के बीच इस्लामाबाद वार्ता विफल हो गई। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ब्लॉक करने की धमकी दी है। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक अमेरिका के ईरानी पोर्ट्स के आसपास नेवल ब्लॉकेड लगाने के ऐलान के बाद दुनिया भर में तेल की कीमतें तेज़ी से बढ़ीं हैं। इससे सप्लाई में रुकावट की चिंता बढ़ गई।
तेल की कीमतों में उछाल
अमेरिकी क्रूड 8 परसेंट बढ़कर $104.24 प्रति बैरल हो गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 7 परसेंट बढ़कर $102.29 हो गया। ईरान युद्ध के दौरान बेंचमार्क में उतार-चढ़ाव रहा है। फरवरी के आखिर में लड़ाई से पहले ये लगभग $70 प्रति बैरल था जो बढ़कर अपने पीक पर $119 से ज़्यादा हो गया था। हालांकि शुक्रवार को शांति वार्ता से पहले, जून डिलीवरी के लिए ब्रेंट 0.8 परसेंट गिरकर $95.20 प्रति बैरल हो गया था।
ईरान होर्मुज स्ट्रेट को असरदार तरीके से कंट्रोल कर रहा है। ये समुद्री रास्ता दुनिया भर में तेल शिपमेंट का एक अहम रास्ता है। AP की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि यह ब्लॉकेड ईरानी पोर्ट्स और तटीय इलाकों में आने-जाने वाले सभी देशों के जहाजों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के लागू किया जाएगा। इसमें यह भी कहा गया कि गैर-ईरानी पोर्ट्स के बीच आने-जाने वाले जहाजों को अभी भी स्ट्रेट से गुजरने की इजाज़त होगी। दुनिया में ट्रेड होने वाले तेल का लगभग पांचवां हिस्सा हर दिन स्ट्रेट से होकर गुज़रता है, जिसमें सऊदी अरब, इराक, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और ईरान जैसे बड़े एक्सपोर्टर इसी रास्ते पर निर्भर हैं।
ग्लोबल सप्लाई के लिए इसका क्या मतलब है?
इस कदम से ग्लोबल तेल सप्लाई में कमी का खतरा बढ़ गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में थोड़ी पाबंदियों से भी शिपमेंट धीमा हो सकता है और डिलीवरी में देरी हो सकती है। हाल के दिनों में शिपिंग एक्टिविटी सीमित रही है। AP के अनुसार मरीन ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि सीज़फ़ायर शुरू होने के बाद से 40 से ज़्यादा कमर्शियल जहाज इस रास्ते से गुज़रे हैं।
इस इलाके से कम जहाज़ों के गुज़रने और टैंकरों के लिए ज़्यादा रिस्क से कीमतें और परिवहन लागत बढ़ सकती हैं, जिससे मिडिल ईस्ट से तेल पर निर्भर देशों पर दबाव बढ़ सकता है।
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इस्लामाबाद में बातचीत फेल होते ही अब इसका असर समुद्र में भी दिखने लगा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, दो खाली सुपरटैंकरों ने रविवार को होर्मुज जलमार्ग से होते हुए फारस की खाड़ी में प्रवेश करने का प्रयास किया , लेकिन यू-टर्न लेना पड़ा। पढ़ें पूरी खबर
