पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यह “अस्थायी” तेल की बढ़ोतरी स्वीकार्य है अगर इससे ईरान के परमाणु हथियारों का खतरा खत्म किया जा सके। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि तेल की कीमतें जैसे ही ईरान के न्यूक्लियर खतरे को खत्म करने के बाद कम हो जाएंगी, यह बढ़ोतरी अस्थायी साबित होगी। उन्होंने कहा, “केवल मूर्ख ही अलग सोचेंगे। अमेरिकी और वैश्विक सुरक्षा और शांति के लिए यह कीमत बहुत छोटी है।”

ट्रंप का यह बयान तेल की बढ़ी कीमतों को लेकर लोगों की चिंताओं को कम करने के लिए आया है। तेल की कीमतें रविवार को एक बैरल 100 अमेरिकी डॉलर के पार चली गईं। यह पहली बार है कि इतनी ऊंची कीमत देखी गई, और यह 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद सबसे बड़ा उछाल माना जा रहा है। निवेशकों को डर है कि ईरान के साथ तनाव के कारण तेल की आपूर्ति लंबे समय तक प्रभावित रह सकती है।

कई रिफाइनरी पर हमले की खबरों ने भी स्थिति को और गंभीर बना दिया है

CNN बिजनेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान पर संघर्ष बढ़ने और अन्य पश्चिम एशियाई और गल्फ देशों के शामिल होने के कारण तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। कई रिफाइनरी पर हमले की खबरों ने भी स्थिति को और गंभीर बना दिया है। अमेरिकी तेल वायदा (US oil futures) में 18% की बढ़त दर्ज की गई और कीमत लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। वहीं, वैश्विक मानक ब्रेंट वायदा में 16% की बढ़ोतरी हुई और यह भी लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया।

तेल की कीमतों में यह उछाल शेयर बाजार पर भी भारी पड़ रहा है। डाउ फ्यूचर्स में 800 से अधिक अंक की गिरावट आई, जो लगभग 1.7% है। S&P 500 और नैस्डैक फ्यूचर्स में भी 1.6% की गिरावट देखने को मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी अवधि तक तेल और गैस की बढ़ी कीमतें महंगाई को और बढ़ा सकती हैं और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

संयुक्त राज्य में पेट्रोल की कीमत भी लगातार बढ़ रही है। AAA के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को पेट्रोल का औसत मूल्य 3.45 डॉलर प्रति गैलन पहुंच गया, जो पिछले हफ्ते की तुलना में 16% अधिक है। अगर कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहीं, तो आम लोगों की जेब पर दबाव बढ़ेगा। यह राजनीतिक रूप से भी ट्रंप और उनकी पार्टी के लिए मुश्किल भरा हो सकता है, खासकर इस साल के मध्यावधि चुनाव को देखते हुए।

ट्रंप का तर्क है कि जैसे ही ईरान का परमाणु खतरा समाप्त होगा, तेल की कीमतें फिर तेजी से कम हो जाएंगी। उनका कहना है कि यह अस्थायी कीमत दुनिया की सुरक्षा और शांति के लिए चुकाई जाने वाली एक छोटी कीमत है।

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एक और युद्ध शुरू हो चुका है। इजरायल उकसाने वाला है और अमेरिका युद्ध का आगाज करने वाला है। इजरायल ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह विश्वास दिला दिया है कि ईरान के पास परमाणु हथियार हैं या लगभग विकसित करने के अंतिम चरण में है और वह अमेरिका को धमकी देने की योजना बना रहा है। हालांकि, वाल स्ट्रीट जर्नल ने रपट दी है कि गोपनीय जानकारी रखने वाले अमेरिकी अधिकारियों ने इन कथित संभावित धमकियों को निराधार बताकर सिरे से खारिज कर दिया है। फिर भी, ट्रंप ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ व्यापक पैमाने पर युद्ध शुरू कर दिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक