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1 अक्टूबर से ऑस्ट्रिया में सार्वजनिक जगहों पर मुस्लिम महिलाएं नहीं पहन पाएंगी बुर्का

यूरोप के कई देशों के लोगों को मुस्लिम महिलाओं के बुर्का पहनने से परेशानी है।

इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

ऑस्ट्रिया में अब एक अक्टूबर से सार्वजनिक जगहों पर बुरखा पहनने पर बैन लगा दिया गया है। फेडरल लॉ गैजेट के निर्देश के बाद राष्ट्रपति एलेक्सेंडर वैन डेर बैल्लन द्वारा इस कानून पर मौहर लगा दी गई है। इसके साथ ही इस कानून में जर्मन भाषा और यूरोपीय मूल्यों के बुनियादी ज्ञान देने की बात भी कही गई है। अगर को भी महिला सार्वजनिक जगह पर बुर्का पहने दिखाई देगी तो उसपर 150 यूरो का फाइन लगाया जाएगा। आपको बता दें कि दुनिया में महिला सशक्तिकरण का मुद्दा काफी समय से उठाया जा रहा है। लोगों को मानना है कि महिलाओं के प्रत्येक चीज को चुनने का हक देना चाहिए, फिर चाहे वो खान-पान हो या फिर पहनावा। वहीं यूरोप के कई देशों के लोगों को मुस्लिम महिलाओं के बुर्का पहनने से परेशानी है।

बता दें कि ऑस्ट्रिया पहला ऐसा देश नहीं है जहां पर महिलाओं का बुर्का पहनने पर बैन लगा हो। फ्रांस की बात करें तो 2011 में वहां पर महिलाओं के बुर्का पहनने पर रोक लगा दी थी। बैन के साथ-साथ यह भी कहा गया था कि अगर कोई महिला बुर्का पहनती है या कोई उसे जबरन बुर्का पहनाता है तो उसे 30 हजार यूरो का फाइन देना होगा। इसके बाद बेल्जियम की बात करते हैं, यहां पर जुलाई, 2011 में बुर्का पर रोक लगाना वाला कानून पास किया गया था। इसमें यह प्रावधान रखा गया था कि अगर कोई महिला घर के बाहर कहीं पर भी बुर्का पहने नजर आती है तो उसे सात साल की जेल होगी।

इसी के साथ नीदरलैंड, बुल्गेरिया, मिस्र, स्विट्जरलैंड, इटली, चाड, तुर्की, रूस और चीन जैसी जगहों पर भी बुर्का, हिजाब और किसी भी प्रकार का नकाब पहने जाने पर बैन लगा दिया गया है। वहीं चीन की बात करें तो, यहां पर मुस्लिम बहुल इलाके में बुर्के, नकाब और लंबी दाढ़ी पर बैन लगाया गया है। इसके अलावा टीवी, रेडियो के इस्तेमाल समेत कुल 15 नए आदेश जारी किए गए थे। यह आदेश शिंगजियांग प्रांत में लागू किए गए, जो कि चीन में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला इलाका है। इसके पीछे की वजह धार्मिक अतिवाद को खत्म करना बताया गया। राज्य में यह सभी नियम 1 अप्रैल से लागू कर दिए गए थे।

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