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उत्तर कोरिया के मंसूबे नाकाम, फिर विफल रहा मुसुडैन मिसाइल का परीक्षण

उत्तर कोरिया एक बार फिर से मुसुडैन मिसाइल के परीक्षण में विफल रहा है। इससे पहले नेता किम2संग के जन्मदिवस के मौके पर उसने मुसुडैन मिसाइल का परीक्षण किया था।

दूसरी बार विफल रहा उत्तर कोरिया द्वारा किया गया मुसुडैन मिसाइल का परीक्षण। (फोटो-AP)

उत्तर कोरिया एक बार फिर से मुसुडैन मिसाइल के परीक्षण में विफल रहा है। इससे पहले नेता किम2संग के जन्मदिवस के मौके पर उसने मुसुडैन मिसाइल का परीक्षण किया था। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि, उत्तर कोरिया अपने शक्तिशाली मिड रेंज मुसुडैन मिसाइल के टेस्ट में असफल रहा है। माना जा रहा है कि नॉर्थ कोरिया द्वारा पिछले 2 हफ्तों में किया गया यह दूसरा प्रयास है। उत्तर कोरिया इससे पहले भी इसी मिसाइल का परीक्षण (विफल) कर चुका है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, “ऐसा लगता है कि उत्तरी कोरिया ने 6.40AM पर वोनसैन के पूर्वी तट से मुसुडैन मिसाइल दागा जो कि वापस जमीन पर आ गिरा। ऐसा लगता है कि यह विफल हो गया।” ऐसी खबरें आ रही थीं कि उत्तर कोरिया विफल हो चुके मुसुडैन मिसाइल के पुनः परीक्षण की तैयारी कर रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि मुसुडैन मिसाइल गुआम के पश्चिमी द्वीपों पर मौजूद यूएस बेसों को निशाना बनाने में सक्षम है।

बता दें कि उत्तर कोरिया ने 15 अप्रैल को किम2संग के जन्मदिवस के मौके पर मुसुडैन मिसाइल का पहला परीक्षण किया था। लेकिन पेटांगन के मुताबिक वह परीक्षण भी विफल हो गया था। इस परीक्षण के दौरान कोरिया का मिसाइल दागे जाने के लगभग तुरंत बाद फट गया था। कहा जा रहा है कि विफल होते यह टेस्ट उत्तर कोरिया में नए और बेहतर तरीके से उठ रही कांग्रेस पार्टी की वजह से हैं। जिसमें किम-जोंग-उन, देश को परमाणु हथियारों के मामले में नई ऊंचाइयों तक ले जाने का श्रेय लेना चाहता है।

उधर ऐसी चिंता जताई जा रही है कि प्योंगयांग आने वाले 6 मई को किए जा सकने वाले पांचवे न्यूक्लियर टेस्ट करने की तैयारी कर रहा है। प्योंगयांग ने पिछले कुछ महीनों में न्यूक्लियर वारहेड का छोटा रूप बनाने समेत कई उपलब्धियां हांसिल की हैं। पिछले शनिवार ही उसने पनडुब्बी से दागी जा सकने वाली बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया था जिसकी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने कड़ी निंदा की थी। माना जाता है कि मुसुडैन की मारक क्षमता 2,500 से 4,000 किलोमीटर तक की है। इस हिसाब से पूरा दक्षिण कोरिया जापान और गुआम में संयुक्त राष्ट्र के सभी बेस उत्तर कोरिया की रेंज में आ जाएंगे। लेकिन अभी तक उत्तर कोरिया इस मिसाइल के परीक्षण में सफल नहीं हो सका है।

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